दरभंगा के गांव से निकला अभिनेता अब अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज में, मोहन आनंद झा का बढ़ा अभिनय का दायरा
दरभंगा के चौगमा गांव के अभिनेता मोहन आनंद झा अब अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज 'अनकंडीशनल' का हिस्सा बन गए हैं। रंगमंच ...और पढ़ें

मोहन आनंद झा । फाइल फोटो। सौ. स्वजन।
HighLights
मोहन आनंद झा अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज 'अनकंडीशनल' का हिस्सा बने।
रंगमंच से शुरू हुआ अभिनय का सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर।
छोटे शहरों के कलाकारों के लिए प्रेरणा बने मोहन आनंद झा।
संवाद सहयोगी, बेनीपुर (दरभंगा)। बेनीपुर के चौगमा गांव की मिट्टी से निकलकर अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे अभिनेता मोहन आनंद झा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
रंगमंच से अभिनय का सफर शुरू करने वाले मोहन आनंद झा अब अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज ‘अनकंडीशनल’ का हिस्सा बने हैं। बालीवुड और टेलीविजन परियोजनाओं में काम करने के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट में अवसर मिलना उनके अभिनय सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस वेब सीरीज में मोहन आनंद झा ने ‘लहली के बेटे’ की भूमिका निभाई है। सीरीज के आधिकारिक कलाकार विवरण में भी उनका नाम शामिल है।
अलग-अलग देशों और विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों से जुड़े कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिलने से उनके अभिनय अनुभव का दायरा भी व्यापक हुआ है।
अपराध-रोमांच पर आधारित है सीरीज
अनकंडीशनल’ ड्रामा और अपराध-रोमांच पर आधारित वेब सीरीज है। इसका निर्देशन जोनाथन गुरफिंकेल ने किया है। इसके सह-निर्माता एवं रचनाकार एडम बिजांस्की और दाना इडिसिस हैं।
सीरीज का निर्माण स्पाइरो फिल्म्स के लिए किया गया है। इसमें लिराज चामामी, तालिया लिन रान, अमीर हदाद, योसी मार्शेक, एवगेनिया डोडिना और व्लादिमीर फ्राइडमैन समेत कई कलाकारों ने काम किया है।
अंतरराष्ट्रीय कलाकारों से सजी इस परियोजना में मोहन आनंद झा की मौजूदगी इस बात को रेखांकित करती है कि छोटे शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले कलाकार भी अपनी प्रतिभा और लगातार मेहनत के दम पर बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।
थिएटर ने दी अभिनय की पहली पाठशाला
मोहन आनंद झा के अभिनय सफर की शुरुआत रंगमंच से हुई। थिएटर के मंच पर उन्होंने अभिनय की बारीकियों को समझा और विभिन्न किरदारों को निभाते हुए अपनी कला को लगातार निखारा।
मंच ने उन्हें संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा और चरित्र के अनुरूप अभिनय करने का अनुभव दिया।रंगमंच पर मिले अनुभव के बाद उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन का रुख किया।
धीरे-धीरे डिजिटल माध्यमों में भी उनकी सक्रियता बढ़ी। इस दौरान उन्होंने ‘सीक्रेट पाकेटमार’ जैसे फिल्म प्रोजेक्ट में काम किया। टेलीविजन की परियोजनाओं में अभिनय करने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज में भूमिका मिलना उनके अब तक के सफर को एक नया आयाम देता है।
गांव से निकली प्रतिभा का बढ़ता दायरा
बेनीपुर के चौगमा गांव से निकलकर अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले मोहन आनंद झा का सफर स्थानीय युवाओं के लिए भी खास संदेश देता है।
सीमित संसाधनों वाले छोटे शहर और गांवों से निकलने वाले कलाकारों के सामने अक्सर बड़े मंच तक पहुंचने की चुनौती रहती है। इसके बावजूद मोहन आनंद झा ने रंगमंच को आधार बनाकर धीरे-धीरे फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल माध्यम तक अपनी पहुंच बनाई।
उनका कहना है कि अभिनय में लगातार सीखते रहना सबसे जरूरी है। एक कलाकार के लिए प्रत्येक भूमिका अपने आप में सीखने का अवसर होती है। रंगमंच से मिली सीख ने उन्हें कैमरे के सामने भी अलग-अलग तरह के किरदार निभाने में मदद की।
अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ने बढ़ाया आत्मविश्वास
‘अनकंडीशनल’ में काम करने का अनुभव मोहन आनंद झा के लिए इसलिए भी खास है कि इस परियोजना में विभिन्न पृष्ठभूमियों के कलाकार और तकनीकी टीम जुड़ी रही।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीम के साथ काम करने से उन्हें अभिनय के साथ-साथ काम करने की नई शैली और पेशेवर अनुभव हासिल करने का अवसर मिला।
‘लहली के बेटे’ का किरदार निभाकर उन्होंने अपने अभिनय की क्षमता को एक नए दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इससे पहले तक फिल्मों और टेलीविजन तक सीमित रहा उनका अनुभव अब अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफार्म की परियोजना तक पहुंच चुका है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
मोहन आनंद झा की उपलब्धि को बेनीपुर और दरभंगा के रंगकर्मियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े कलाकार अपनी प्रतिभा के लिए बड़े मंच की तलाश करते रहे हैं।
ऐसे में चौगमा जैसे गांव से निकले कलाकार का अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज तक पहुंचना स्थानीय प्रतिभाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है।उनकी यात्रा यह भी बताती है कि अभिनय में सफलता के लिए केवल बड़े शहरों से शुरुआत करना ही जरूरी नहीं है।
छोटे शहरों और गांवों से निकलकर भी कलाकार अपनी प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और अवसरों के जरिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं तक पहुंच बना सकते हैं।
फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल माध्यमों में सक्रिय मोहन आनंद झा आने वाले दिनों में भी अभिनय के क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट्स के साथ आगे बढ़ने की दिशा में काम कर रहे हैं। चौगमा से शुरू हुआ उनका यह सफर अब अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज तक पहुंच चुका है।
