दरभंगा। एससी एसटी एक्ट के तहत मात्र एक शिकायत पर गिरफ्तारी करने के प्रावधानों को कोर्ट के निर्णय के विरूद्ध लागू किए जाने के विरोध में भारत बंद का व्यापक असर दरभंगा में देखने को मिला। लनामिविवि व का¨सदसंविवि सहित सभी स्कूल-कॉलेज नहीं खुले । इससे कई परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम रहने के कारण एलएलबी के द्वितीय पार्ट के दर्जनों छात्र जाम रहने के कारण परीक्षा केन्द्र तक नहीं पहुंच पाए। जगह-जगह परीक्षार्थियों को रोका गया। बावजूद, छात्र अपने वाहन को छोड़ पैदल परीक्षा केंद्र के लिए दौड़ गए। इसके बाद भी परीक्षार्थी समय पर नहीं पहुंच पाए। अंत में परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा को रद करने की घोषणा कर दी। इधर, दरभंगा-समस्तीपुर, दरभंगा-सीतामढ़ी, दरभंगा-सकरी, सकरी-हरनगर रेलखंड पर लगभग छह घंटे तक परिचालन ठप रहा। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह रेल ट्रैक को जाम कर दिया। दरभंगा स्टेशन से दिल्ली जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन को दो घंटे तक लहेरियासराय स्टेशन स्थित चट्टी गुमटी पर रोके रखा। काफी मशक्कत बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर विनोद विश्वकर्मा, सब इंस्पेक्टर जवाहर लाल आदि ने ट्रेन को रवाना करने में कामयाब रहे। लेकिन, कुछ ही पलों में समस्तीपुर की ओर से दरभंगा आ रही जानकी एक्सप्रेस को आंदोलनकारियों ने उसी जगह घेर लिया। ट्रेन जाने को लेकर गिराई गई सिग्नल को प्रदर्शनकारियों ने छह घंटे तक उठने नहीं दिया। शाम के 3 बजे ट्रेन का परिचालन हुआ। इसके बाद जाकर सभी ट्रेनों को बारी-बारी से लाइन दी गई और पास कराया गया। परिचालन ठप रहने के कारण हायाघाट, लहेरियासराय, दरभंगा, काकरघाटी, सकरी, कमतौल, जोगियारा आदि स्टेशनों पर ट्रेनें घंटों रुकी रही। अमृतसर से दरभंगा लौट रही जननायक एक्सप्रेस थलवारा स्टेशन पर रूक रही। जबकि, हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस हायाघाट स्टेशन पर। इधर, सरकारी व गैर सरकारी बस स्टैंड में विरानगी छाई रही । मुख्य सड़क की बात तो दूर किसी को पतली गली से भी नहीं निकलने दिया जा रहा था। जगह-जगह पर कई एंबुलेंस को भी पास कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय सवर्ण सेना, भारतीय अटल सेना, क्षत्रिय महासभा, ऑल बिहार ब्राह्मन सभा, सवर्ण मोर्चा, ब्रह्मर्शी विकास संस्थान आदि बंद समर्थकों ने सड़कों एवं चौक-चौराहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। शहर के लहेरियासराय, लोहिया चौक, कर्पूरी चौक, बेंता, बलभद्रपुर मोड़, चट्टी चौक, शास्त्री चौक, आयकर चौराहा, मिर्जापुर, भोगेंद्र झा चौक, हराही तालाब आदि जगहों पर बंद समर्थक प्रदर्शन कर सरकार से एक्ट में किए गए प्रावधानों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। नाराज लोग नारेबाजी कर एक देश दो कानून नहीं चलने देने की बात कह रहे थे। बहादुरपुर के हरितपट्टी पंचायत के मुखिया शैलेंद्र कुंवर ने मनोहरा चौक से लहेरियासराय टावर तक में करीब पांच किलोमीटर तक दंड प्रणाम कर अपना विरोध जताया। कमतौल में जाले-अतरबेल पथ के ब्रह्मपुर कदम चौक, दरभंगा-कमतौल पथ को टेकटार दुर्गा मंदिर के समीप, ¨सहवाड़ा के भराठी के पास दरभंगा-मुजफ्फरपुर हाइवे, बेनीपुर-बहेड़ी पथ में लबानी गांव के पास, बेनीपुर के हरिहरपुर चौक के पास, बिरौल के हाटी, हनुमाननगर के हरिचंदा, रजवान चौक, बिशनपुर-अतरवेल पथ को गोढैला, केवटी में दरभंगा-जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 527 बी को दड़िमा, रैयाम चौक, दरभंगा-जयनगर लदारी चौक के पास बंद समर्थकों ने जाम कर दिया है। कहीं शाम के चार बजे जाम को हटाया गया तो कही तीन बजे । लहेरियसराय चट्टी चौक पर प्रभात प्रखर, मुचकुंद झा, नवनीत ¨सह, सुरेश ¨सह, राकेश ¨सह व लोहिया चौक पर हिमांशु मिश्रा, रत्नेश चौधरी, मौनू झा, मेघन तिवारी, राहुल ठाकुर, विकास झा, अवनिश चौधरी वलहेरियासराय टावर पर रीता ¨सह, अर्चना झा, प्रभाकर आनंद, उदय शंकर चौधरी, निरज मल्लिक, रंधीर चौहान, राघव राय, दिलीप राय, पप्पू चौधरी, जटा शंकर आचार्य, ¨प्रस ¨सह, संजीत ठाकुर आदि मोर्चा संभाले हुए थे।

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Posted By: Jagran