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बिहार की बेटी ने रचा इतिहास: देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बनीं भावना कंठ, पूरा किया वायुसेना का सबसे कठिन कोर्स 

Published: Sat, 08 Aug 2026 12:39 PM (GMT+05:30)

भावना कंठ ने ग्वालियर में भारतीय वायुसेना का सबसे कठिन फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर देश की पहली महिला ...और पढ़ें

भावना कंठ। फाइल फोटो

भावना कंठ। फाइल फोटो

HighLights

  1. भावना कंठ बनीं देश की पहली महिला 'टॉप गन'।

  2. ग्वालियर में पूरा किया भारतीय वायुसेना का कठिन कोर्स।

  3. अब हवाई युद्ध का नेतृत्व कर सकेंगी यह फाइटर पायलट।

संवाद सहयोगी, घनश्यामपुर (दरभंगा)। घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव की बेटी भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित भारतीय वायुसेना के टैक्टिक्स एंड एयर काम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (टीएडीसीई) में प्रतिष्ठित फाइटर काम्बैट लीडर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

इस उपलब्धि के साथ वह देश की पहली महिला ‘टाप गन’ बन गई हैं। भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन, चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित इस युद्धक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने वाली वह पहली महिला फाइटर पायलट हैं। अब भावना हवाई युद्ध का नेतृत्व भी कर सकेंगी।

सर्वोच्च फाइटर टैक्टिक्स संस्थान है TADCE

उल्लेखनीय है कि ग्वालियर स्थित टीएडीसीई भारतीय वायुसेना का सर्वोच्च फाइटर टैक्टिक्स संस्थान है, जहां केवल चुनिंदा और उत्कृष्ट फाइटर पायलटों को उन्नत हवाई युद्ध, रणनीतिक नेतृत्व और मिशन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।

यहां से प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने स्क्वाड्रनों में युद्धक रणनीति तैयार करने और अन्य पायलटों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाते हैं।

‘टाप गन’ कोई पद या रैंक नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के फाइटर काम्बैट लीडर कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चुनिंदा फाइटर पायलटों को मिलने वाली प्रतिष्ठित पहचान है।

इस कोर्स को भारतीय वायुसेना का सबसे चुनौतीपूर्ण युद्धक प्रशिक्षण माना जाता है। ग्वालियर स्थित भारतीय वायुसेना के जिस टीएसडीई में स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने ‘टाप गन’ का खिताब हासिल किया है, उस काम्बैट यूनिट को प्रेसिडेंट्स स्टैंडर्ड सम्मान मिल चुका है।  

बेगूसराय से हुई है पढ़ाई 

इं. तेजनारायण कंठ एवं राधा देवी की बेटी की इस उपलब्धि से मिथिलांचल ही नहीं पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। भावना ने प्रारंभिक शिक्षा बेगूसराय से प्राप्त की। वहीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

आगे की पढ़ाई के लिए कोटा चली गई। कोटा से भावना ने अपनी लगन मेहनत कठिन तपस्या तथा माता-पिता की प्रेरणा से भारतीय वायुसेना के लिए चुनी गई। वायुसेना में कठिन परिश्रम तथा छह माह के प्रशिक्षण के बाद महिला फाइटर पायलट बनीं।

पक्षियों को देख संजोया था सपना

मथुरा रिफाइनरी में कार्यरत रहे भावना के पिता ने बताया था कि भावना बचपन में पक्षियों को उड़ते देख आसमान में उड़ने का सपना देखा करती थी। हम लोगों ने उसे लक्ष्य प्राप्ति के लिए हमेशा मोटिवेट किया। अंबाला एयरबेस से अकेले मिग 21 फाइटर विमान उड़कर उसने बचपन के सपने को सच कर दिखाया।

मिग-21 उड़ाने से लेकर गणतंत्र दिवस परेड में साहसिक प्रदर्शन करने वाली भावना की नई उपलब्धियों बेटियों के प्रेरणस्त्रोत है। जानकारी के अनुसार, स्क्वाड्रन लीडर भावना ने टैक्टिक्स एंड एयर कांबैट डेवलपमेंट, ग्वालियर से एफसीएल कोर्स को पूरा किया है।

इसके बाद उन्हें टाप गन की उपलब्धि हासिल हुई है। इस कोर्स में केवल उन्हीं फाइटर पायलटों को शामिल किया जाता है, जो उड़ान, रणनीति एवं युद्ध कौशल अव्वल दर्जे का प्रदर्शन करते हैं।

बताते चलें कि बाउर की बेटी बतौर प्लाइंग आफिसर 2016 में वायुसेना में शामिल हुईं। वर्ष 2015 में सरकार ने पहली बार महिलाओं के लिए फायटर स्ट्रीम खोला।

जून 2016 में वह महिला फायटर बैच का हिस्सा बनीं। मार्च 2018 में मिग-21 से उड़ान भरी। मई 2019 में मिग-21 बाइसन पर डे आपरेशन कोर्स को पूरा किया। भावना की हालिया उपलब्धि से बाउर गांव में खुशी का माहौल है।

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