दरभंगा। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के आजमनगर मोहल्ला में शुक्रवार को हुए बम धमाकों के विरोध में शनिवार की सुबह स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया। नाराज लोगों ने कादिराबाद-मब्बी मुख्य मार्ग को बांस-बल्ला लगाकर जाम कर दिया। सड़क पर आगजनी कर दी और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। लोग मामले में पुलिस के शिथिल रवैये से नाराज थे।

इस बीच सूचना पर पहुंची पुलिस टीम को पुलिस ने भला-बुरा कहा। सहायक दारोगा सहित चार जवानों को मौके से खदेड़ दिया। कई महिलाएं हाथ में झाड़ू लेकर दौड़ पड़ी। पुलिस की गाड़ी में आग लगाने के लिए दौड़े। लेकिन, इससे पहले चालक पुलिस गाड़ी लेकर काफी दूर चला गया। कुछ स्थानीय लोगों की सतर्कता से किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। घंटों लोग जमे रहे सड़क पर, नहीं पहुंचे वरीय अधिकारी

नाराज लोग सुबह पांच बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक सड़क पर जमे रहे। एक सहायक दारोगा के साथ आए कुछ पुलिस कर्मी लोगों के आक्रोश को झेलने को मजबूर थे। बावजूद, इसके मौके पर तत्काल न तो कोई वरीय पुलिस पदाधिकारी पहुंचे और न ही अतिरिक्त बल। पुलिस ने जब्ती सूची पर जबरन कराया हस्ताक्षर

नाराज लोगों कहना था कि रात के 12 बजे पुलिस पहुंची और जब्ती सूची के नाम पर आस-पास के लोगों से जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश की। जिसका विरोध किया गया। बिना जब्ती सूची बनाए लोगों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जब्ती सूची की कॉपी कुछ देर में उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर लोगों से हस्ताक्षर कराया। लेकिन, लोगों को जब्ती सूची की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे लोग सुबह होते ही आक्रोशित हो गए। जब्ती सूची में हेरा-फेरी की संभावना नाराज लोगों का कहना था पुलिस जब्ती सूची में हेराफेरी कर सकती है। घटनास्थल से बारूद, बम सहित कई संदिग्ध सामान बरामद किए गए हैं। जब स्थानीय लोगों के सामने जब्ती सूची नहीं बनाई गई तो पुलिस लोगों से कैसे हस्ताक्षर करा सकती है। इसको लेकर भी लोग तरह-तरह की बातें कह रहे थे। पांच घंटे बाद समाप्त हुआ आंदोलन करीब पांच घंटे बाद दोपहर एक बजे पुलिस ने आक्रोशित लोगों को जब्ती सूची की एक प्रति दिखाई। कहा कि यह न्यायालय की संपत्ति है। इसकी कॉपी नहीं दी जा सकती है। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हो गए।

मुआवजे की मांग कर रहे मोहल्लावासी बम बलास्ट में मो. नजीर के साथ आस-पास के कई लोगों का मकान धराशाई हो गया। इससे पड़ोस के लोगों में काफी आक्रोश था। लोगों का कहना था कि इतने दिनों तक नजीर अपने घर में बम बना रहा था और पुलिस बेखबर बनी रही। जबकि, नजीर शुरू से ही संदिग्ध व्यक्ति रहा है। बम धमाका से पड़ोसियों को लाखों की क्षति हुई है। ऐसी स्थिति में क्षति की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। लोगों का कहना था कि यदि सरकार उनलोगों को मुआवजा नहीं देगी तो आंदोलन जारी रहेगा। कुछ लोगों ने आरोपित नजीर के चल और अचल संपत्ति को जब्त कर क्षति की भरपाई कराने की मांग की। बड़ी एजेंसी से कराई जाए जांच, आतंकी गतिविधि की आशंका आरोपित के घर में और विस्फोटक होने की आशंका जताते हुए लोगों ने कहा कि पुलिस आरोपित नजीर के घर की खुदाई करे तो कई और संदिग्ध सामान बरामद हो सकते हैं। जिस तरह से बम विस्फोट हुआ और तीन किमी तक का इलाका दहल गया, वह कोई साधारण बम नहीं हो सकता है। किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए नजीर अपने घर में बम बना रहा था। ऐसी आशंका को देखते हुए लोगों ने बड़ी एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का मानना है कि नजीर आंतकी गतिविधि से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस इसको नजर अंदाज कर रही है। कई घरों में फैला है मलबा : बम विस्फोट में आरोपित मो. नजीर का छतदार मकान पूरी तरह गिर गया। इसके बाद आस-पड़ोस के महेश साह, संजीव महतो, प्रेमलाल महतो, पीके रानी, हनुमान वस्त्रालय के मालिक सहित कई लोगों का मकान भी गिर गया। महेश साह, प्रेमलाल और संजीव महतो गिरे घरों पर आरोपित के घर का मलबा गिरा है। जिसे हटाने के लिए लोग परेशान हैं। लोगों ने प्रशासन से मलबा हटवाने की मांग की है।

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