दरभंगा। सूबे की जनता को नियत समय-सीमा के अंदर उनकी शिकायतों के निवारण के लिए बिहार सरकार ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम बनाया है। जिसके तहत प्रत्येक जिला में लोक शिकायत निवारण केन्द्र संचालित है। जिला लोक शिकायत पदाधिकारी व अनुमंडल में अनुमंडलीय लोक शिकायत पदाधिकारी परिवाद प्राप्त होने के बाद नियमित समय के अंदर परिवादी को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हैं। जिसके तहत 60 दिनों के अंदर ही परिवाद का निवारण किया जाता है। परिवाद दायर करने के लिए प्रपत्र एक में नाम, मोबाइल नंबर, इमेल, आधार कार्ड नंबर इत्यादि भर कर या सादे कागज पर अपनी शिकायत विभाग के काउंटर पर परिवादी को जमा करना होता है। वहीं, डाक सहित ऑनलाइन परिवाद दायर करने की भी व्यवस्था लोक शिकायत निवारण विभाग के साइट पर जाकर की जा सकती है। जिला लोक शिकायत पदाधिकारी के यहां परिवादी को संतुष्टि नहीं मिलने की स्थिति में प्रथम एवं द्वितीय अपील करने का अधिकार प्राप्त होता है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण व जिला लोक शिकायत निवारण केन्द्रों में अस्वीकृत परिवाद के मामले में सबसे ज्यादा न्यायालय में लंबित मामले व निजी भूमि विवाद के मामले पाए जा रहे हैं। इसको लेकर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव रंजन प्रभाकर ने बताया कि लोग अभी तक लोक शिकायत निवारण अधिकार को सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं। सूचना का अधिकार एवं लोक सेवा का अधिकार के मामले को लेकर भी लोग शिकायत निवारण केंद्र ही पहुंचते हैं। जिस कारण मामला लंबित रहता है।

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लोक शिकायत से मंदिर को कराया अतिक्रमण मुक्त

तारडीह प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर गांव निवासी दीपक कुमार ¨सह व रेशब आनंद ने बताया कि पिछले कई वर्षों से गांव के मंदिर व सड़क को कुछ अतिक्रमणकारियों ने अतिक्रमित कर रखा था। जिसको लेकर लोक शिकायत निवारण केन्द्र में परिवाद दायर किया। जिसके बाद मंदिर व सड़क को प्रशासन के द्वारा अतिक्रमणमुक्त करवाया गया।

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अनुमंडलीय स्तर पर प्राप्त आवेदनों की सूची 2016 से अबतक

काउंटर से प्राप्त परिवाद की संख्या : 5846

डाक से प्राप्त : 467

अन्य पीजीआरओ से अंतरित होकर प्राप्त परिवाद : 1807

वैकल्पिक सुझाव : 827

लंबित मामले (60 कार्य दिवस के अंदर) : 840

लंबित मामले (60 कार्य दिवस से अधिक : 45

कुल परिवाद : 7366

स्वीकृत परिवाद : 4260

अस्वीकृत परिवाद : 1111

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Posted By: Jagran