बक्सर में 30 KM दूर डीएम से मिलने पैदल निकले थे 150 से अधिक बच्चे, आंबेडकर चौक पर धरने पर बैठे
बक्सर के राजकीय आंबेडकर छात्रावास के 150 से अधिक छात्र मूलभूत सुविधाओं की कमी के विरोध में जिलाधिकारी से मिलने 30 किमी दूर पैदल मार्च पर निकल पड़े।
HighLights
बक्सर के अंबेडकर छात्रावास में सुविधाओं की कमी पर छात्रों का विरोध।
150 से अधिक छात्र जिलाधिकारी से मिलने 18 किमी पैदल चले।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद छात्र गाड़ी से बक्सर जाने को सहमत हुए।
जागरण टीम, बक्सर। जिले के केसठ प्रखंड के रामपुर चकौड़ा स्थित राजकीय अंबेडकर छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी और कथित अव्यवस्था के विरोध में रविवार को करीब 150-200 छात्र-छात्राएं अचानक सड़क पर उतर आए।
छात्रावास से करीब 30 किलोमीटर दूर बक्सर जिला मुख्यालय के लिए बच्चों ने पैदल मार्च शुरू कर दिया। बच्चों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के सामने रखना चाहते हैं।
उन्हें रास्ते में रोकने और समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम लगी रही, लेकिन बच्चे डीएम से मिलने की जिद पर अड़े रहे।
सुबह छात्रावास परिसर में हंगामे के बाद बच्चे बाहर निकलने लगे। सूचना मिलने पर बासुदेवा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे नहीं माने। इसके बाद वे पैदल आगे बढ़ते हुए कोरानसराय पहुंचे।
यहां कोरानसराय थाने की पुलिस भी उनके साथ हो गई। बाद में डुमरांव एसडीओ, जिला कल्याण पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
मानी जाएगी सभी जायज मांगे
बच्चे जिला मुख्यालय पहुंचकर आंबेडकर चौक के पास रेलवे स्टेशन मार्ग को जाम करते हुए धरना पर बैठ गए हैं। सदर अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बच्चों से कहा कि वह समाहरणालय में चले और वहां चलकर बात करें उनकी सभी जायज मांगे पूरी कर दी जाएंगी।
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लेकिन बच्चे वहां से आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं हैं। आंबेडकर चौक पर उनके पहुंचने की सूचना के बाद सदर प्रखंड के महदह स्थित आंबेडकर छात्रावास के बच्चे और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की राजनीति करने वाले छात्र नेता और स्थानीय युवा भी वहां पहुंचने लगे हैं।
बच्चे आंबेडकर की प्रतिमा से हटकर अब रोड जाम कर दिए। ये अपनी मांगें पूरी करने और डीडब्ल्यूओ को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।
रास्ते भर बच्चों को समझाते रहे अधिकारी
अधिकारी लगातार बच्चों से उनकी समस्याएं जानने और उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। उन्हें यह भी कहा गया कि वे पैदल जाने के बजाय गाड़ियों में बैठ जाएं, प्रशासन उन्हें सुरक्षित बक्सर पहुंचा देगा।

हालांकि बच्चे अपनी मांग पर कायम रहे और कहते रहे कि वे अपनी बात जिलाधिकारी के सामने ही रखेंगे।
18 किलोमीटर पैदल चलने के बाद गाड़ी से जाने को तैयार
करीब 18 किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद बच्चे सिकरौल नहर मार्ग पर पसहरा पहुंचे। यहां प्रशासन की समझाइश के बाद वे गाड़ी से बक्सर जाने के लिए तैयार हुए। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे रास्ते बच्चों के साथ रहे।
ठोकर लगने से दो बच्चों के पैर में चोट
पैदल मार्च के दौरान दो बच्चों ओमप्रकाश और 10 वर्षीय संजय कुमार को ठोकर लगने से पैर के नाखून उखड़ गए। साथ चल रही डायल-112 की टीम दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले गई।
छात्र-छात्राओं ने छात्रावास में पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया है। इसके अलावा छात्रावास के प्रिंसिपल पर कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। बच्चों के अचानक पैदल मार्च पर निकलने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मच गई।
