बक्सर में सब्जियों के लिए आफत बना 'स्लग कीट', रातों-रात खा जा रहा फूलगोभी और टमाटर के पौधे
बक्सर के डुमरांव में स्लग कीट सब्जियों और फूलों की फसलों को रातों-रात नष्ट कर रहा है, जिससे किसानों को ...और पढ़ें

सब्जियों के लिए आफत बना स्लग कीट (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
स्लग कीट बक्सर में सब्जियों और फूलों की फसलें नष्ट कर रहा।
किसान रात में टॉर्च से कीटों की पहचान कर सकते हैं।
क्लोरोपाइरीफास छिड़काव से स्लग कीटों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। सब्जियों और फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए स्लग कीट गंभीर मुसीबत बन गया है। दिन में छिपे रहने वाले ये कीट शाम ढलते ही सक्रिय होकर पौधों पर हमला बोल देते हैं और सुबह होने तक उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देते हैं।
फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकली, टमाटर और बैगन जैसी सब्जियों के महंगे पौधे रातों-रात बर्बाद होने से किसानों की लागत डूबने का संकट पैदा हो गया है।

स्थानीय किसान धर्मदेव पांडेय, सूरज साह, राघवेन्द्र तिवारी, कपिल मुनि पांडेय और दीपनारायण तिवारी ने बताया कि तीन-चार दिन पहले लगाए गए पौधे सुबह अचानक गायब मिले। शाम के अंधेरे में खेत देखने पर हर पौधे पर आठ से दस स्लग चिपके मिले, जो पौधों को खाकर ठूंठ बना रहे थे। सब्जियों के साथ-साथ फूलों के पौधों को भी यह कीट भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
टार्च से पहचान और कीटनाशक छिड़काव की सलाह
कृषि विज्ञानी डा. देवकरण के अनुसार, पिछले एक-दो वर्षों से इस कीट का प्रकोप बढ़ा है, विशेषकर नमी और जलजमाव वाले स्थानों पर इनकी सक्रियता ज्यादा रहती है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि शाम के बाद टार्च की रोशनी में इनकी मौजूदगी की पहचान करें। रोकथाम के लिए उन्होंने प्रति लीटर पानी में चार मिलीलीटर क्लोरोपाइरीफास मिलाकर पौधों पर छिड़काव करने का सुझाव दिया है।
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