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Bihar Teacher News: बक्सर के नवानगर में 400 शिक्षकों पर फर्जी हाजिरी का आरोप, BEO ने मांगा जवाब

Published: Wed, 01 Apr 2026 06:04 PM (IST)

बक्सर के नवानगर प्रखंड में वार्षिक परीक्षा मूल्यांकन के दौरान फर्जी हाजिरी लगाने वाले लगभग 400 शिक्षकों पर कार्रवाई शुरू ...और पढ़ें

बक्सर के नवानगर में 400 शिक्षकों पर फर्जी हाजिरी का आरोप (AI Generated Image)

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संवाद सहयोगी, नावानगर (बक्सर)। वार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के मामले में नवानगर प्रखंड के लगभग 400 शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) श्याम बिहारी प्रसाद ने सभी चिन्हित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

बीईओ ने बुधवार को जारी एक पत्र के माध्यम से संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया है कि पत्र निर्गत होने की तिथि से 24 घंटे के अंदर भौतिक रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण दें। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ सेवा निलंबन, बर्खास्तगी और स्थायी रूप से वेतन रोकने की कार्रवाई की जाए।

उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में लगी थी ड्यूटी, घर बैठे बनाई हाजिरी

दरअसल 16 से 25 मार्च तक वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन कार्य के लिए जिन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, उनमें से अधिकांश ने केंद्र से काफी दूर रहते हुए अवैध रूप से उपस्थिति दर्ज की।

कुछ शिक्षकों ने केंद्र से हाजिरी बनाकर गायब रहना, घर से हाजिरी बनाना और आफिस वर्क लिखकर फर्जी उपस्थिति दिखाना जारी रखा। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति की जांच में यह अनियमितता साफ तौर पर सामने आई।

बीईओ ने बताया कि शिक्षकों का यह व्यवहार अनुशासनहीनता, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।

जांच हो, तो पूरे जिले में सामने आएगा ऐसा मामला

नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कई शिक्षकों ने बताया कि जांच होने पर पूरे जिले में ऐसा मामला सामने आएगा। ऐसे शिक्षकों की तादाद कई हजार में चली जाएगी, जिन्होंने मूल्यांकन कार्य का बहाना बनाकर इधर-उधर वक्त गुजारा। कुछ शिक्षकों के तो इस दौरान जिले से बाहर रहने की बात भी चर्चा में है।

प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में आफिस वर्क जैसा कोई प्रविधान नहीं है। यह केवल उच्च विद्यालयों में होता है। इसलिए आफिस वर्क लिखकर उपस्थिति दिखाना भी फर्जीवाड़े के दायरे में आता है। अब ई-शिक्षा कोष पोर्टल की हर वक्त निगरानी की जाएगी। कोई भी शिक्षक फर्जी उपस्थिति दर्ज करने की कोशिश नहीं कर पाएगा। स्पष्टीकरण के बाद दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - श्याम बिहारी प्रसाद, प्रखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), नावानगर