बक्सर : कोरोना महामारी को लेकर जारी लॉकडाउन को लेकर दूसरे प्रदेशो से प्रवासी मजदूरों का आना लगातार जारी है। शारीरिक जांचकर सभी प्रवासियों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। लेकिन, क्वारंटाइन मजदूर बेहतर सुविधा को लेकर हंगामा कर रहे हैं। कहीं बेहतर खाना तो कहीं सुविधा की मांग को लेकर मजदूरों द्वारा हंगामा करने की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को प्रखंड क्षेत्र के मर्सिहयां क्वारंटाइन सेंटर पर देर से भोजन मिलने को लेकर प्रवासी मजदूरों ने जमकर हंगामा किया और भोजन लेने से इंकार कर दिया। इसकी सूचना मिल्रेने पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी सैयद सरफराजु²ीन अहमद ने समझाकर भोजन का मेनू चेंज करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मजदूर शांत हुए और तीन बजे भोजन ग्रहण किया। यहां रह रहे कुल 53 मजदूरों ने आरोप लगाया कि क्वारंटाइन सेंटर में समय पर भोजन नहीं मिलता है। भोजन की गुणवत्ता भी खराब है। कमरों में लाइट कटने के बाद जेनरेटर नहीं होने से भीषण गर्मी में बेचैनी झेलनी पड़ती है।

मजाक बना क्वारंटाइन सेंटर

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूर जैसे-तैसे पैदल व ट्रक द्वारा अपने प्रखंड इलाके में पहुंचते हैं। अधिकारियों की मानें तो सेंटर पर अचानक प्रवासियों की संख्या बढ़ जाने पर भोजन मिलने में विलंब स्वाभाविक है। लेकिन, हर बात को लेकर हंगामा और प्रदर्शन की प्रक्रिया से कोरोना से जंग लड़ रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल प्रभावित होगा।

13 क्वारंटाइन सेंटरों पर रह रहे 576 प्रवासी

प्रखंड क्षेत्र के कुल तेरह सरकारी स्कूलों में अभी तक 576 प्रवासियों को क्वारंटाइन किया गया हैं। सभी सेंटरों पर लाइट, टेंट, पंखा और बिछावन की व्यवस्था में इलाके के सभी टेंट हाउस वालो को लगा दिया गया हैं। जबकि, हर रोज प्रवासियों के आने की प्रक्रिया जारी हैं। प्रखंड के अधिकारियों द्वारा अन्य केन्द्रों पर व्यवस्था के लिए टेंट मालिकों से सम्पर्क किया जा रहा हैं तो वे हाथ खड़े कर दे रहे हैं।

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