बक्सर । एक महीने से नारकीय स्थिति झेल रहे मुसाफिरगंज के लोगों को आखिरकार बुधवार को राहत मिल गई। एक माह से जमा पानी को निकालने के लिए नगर परिषद ने पंप सेट का सहारा लिया। लगभग 48 घंटे तक के अथक प्रयास के बाद मोहल्ले से पानी निकला। हालांकि, इसका स्थाई निदान नहीं होने से मोहल्ले के नागरिक फिर बारिश होने पर जलजमाव की आशंका जता रहे हैं।

जलजमाव से मोहल्ले का आम जीवन अस्तव्यस्त हो गया था। नगर परिषद के सुध नहीं लेने पर दैनिक जागरण ने मोहल्ले की व्यथा को अपने साप्ताहिक कॉलम जागरण आपके द्वार के जरिए उजागर किया। इसके बाद अनुमंडलाधिकारी केके उपाध्याय ने संज्ञान लिया और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के साथ खुद मोहल्ले में जाकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद नगर परिषद ने मोहल्ले में जमा पानी को स्थानीय तालाब में पंपसेट चलाकर डाला। पार्षद प्रतिनिधि जय तिवारी ने बताया कि पांडेयपट्टी में जलजमाव से मुक्त कराने के लिए नाला काटा गया तो वहां का पानी उनके वार्ड में आकर जमा हो गया था। जिसकी वजह से यहां नारकीय स्थिति उत्पन्न हुई। स्थानीय अक्षयवर प्रसाद ने बताया कि एक महीने से कमरों में पानी रहने के कारण वे लोग छत पर शरण लिए हुए थे। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ¨सह ने बताया की अभी पानी निकाल कर समस्या का अस्थाई निदान कर दिया गया है, स्थाई निदान के लिए यहां नाला का निर्माण कराया जाएगा।

Posted By: Jagran