बक्सर को मिली 210 करोड़ के 5.3 किमी लंबे बाईपास की सौगात, अब नहीं अटकेगा ROB का पेच
डुमरांव बाईपास पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के तकनीकी नक्शे को पूर्व मध्य रेलवे ने मंजूरी दे दी है। इससे ...और पढ़ें
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डुमरांव बाईपास पर बनेगा रेल ओवर ब्रिज। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
आरओबी के तकनीकी नक्शे को रेलवे की मंजूरी मिली।
210 करोड़ की लागत से बनेगा डुमरांव बाईपास।
शहर को मिलेगी यातायात जाम से बड़ी राहत।
अनिल कुमार ओझा, डुमरांव (बक्सर)। डुमरांव शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है।
NH-120 पर प्रस्तावित डुमरांव बाईपास के रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के सामान्य तकनीकी नक्शे को पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय, हाजीपुर ने मंजूरी दे दी है।
लंबे समय से रेलवे की तकनीकी स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रही इस परियोजना को हरी झंडी मिलने से आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ है।
अब डीपीआर तैयार करने के लिए परियोजना की फाइल दिल्ली भेजी गई है। करीब 210 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर शहर के मुख्य बाजार और प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
5.3 किमी बाईपास, एक किमी का आरओबी
प्रस्तावित बाईपास की लंबाई करीब 5.3 किलोमीटर होगी। दो लेन की इस सड़क की चौड़ाई लगभग 10 मीटर निर्धारित है।
वहीं, आरा-बक्सर रेलखंड पर डुमरांव और बरुना स्टेशन के बीच, डुमरांव स्टेशन के निकट करीब एक किलोमीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय ने छह अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से आरओबी के जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) को स्वीकृति दी है।
इसके बाद स्वीकृत नक्शे को आगे की तकनीकी प्रक्रिया के लिए कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडल, गया को भेजा गया है।
टेंडर से पहले पूरी होंगी औपचारिकताएं
परियोजना के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे की तकनीकी मंजूरी का इंतजार था। अब डीपीआर तैयार होने और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी होने की उम्मीद है।
डुमरांव के जदयू विधायक राहुल कुमार सिंह ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के स्तर पर पहल की है। रेलवे से मंजूरी मिलने को उनके प्रयासों के बीच महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार में वाहनों का दबाव होगा कम
डुमरांव बाजार में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। बाईपास बनने से दूसरे शहरों की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाजार के भीतर से गुजरने की जरूरत कम होगी।
इससे मुख्य बाजार, चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव घटने की संभावना है। स्थानीय दुकानदारों, व्यवसायियों और राहगीरों को भी राहत मिल सकती है।
यह प्रस्तावित आरओबी पश्चिमी रेल फाटक संख्या 67ए पर निर्माणाधीन दूसरे ओवरब्रिज से अलग है। दोनों की जगह और उद्देश्य अलग-अलग हैं।
बाईपास परियोजना के लिए रेलवे की मंजूरी अहम पड़ाव है, लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले डीपीआर, मंत्रालय की स्वीकृति और टेंडर सहित शेष प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
डुमरांव के सतत विकास का मेरा प्रयास लगातार जारी है। बाईपास पथ के निर्माण में आरओबी का यह प्रस्ताव बाधक बन रहा था। बहुत जल्द बाईपास पथ निर्माण का प्रक्रिया को भी रफ्तार मिलेगा।
राहुल सिंह, विधायक, डुमरांवयह भी पढ़ें- 245 किमी के पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे का काम अटका, 9 ROB और जमीन अधिग्रहण पर आया अपडेट
