डुमरांव बाईपास के लिए 210.63 करोड़ की मंजूरी, पुराना भोजपुर में बनेगा ROB; जमीन अधिग्रहण का पेच बरकरार
डुमरांव बाईपास निर्माण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 210.63 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है, जिसमें पुराना भोजपुर के पास आरओबी भी बनेगा।

डुमरांव बाईपास को मिली वित्तीय और रेलवे की मंजूरी। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
डुमरांव बाईपास के लिए 210.63 करोड़ रुपये स्वीकृत।
पुराना भोजपुर के पास रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा।
जमीन अधिग्रहण को लेकर रैयत कोर्ट पहुंचे।
अरुण विक्रांत, डुमरांव (बक्सर)। डुमरांव बाईपास निर्माण की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। इसकी वित्तीय मंजूरी मिल गई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत इसके निर्माण के लिए 210.63 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि को हरी झंडी दे दी है।
इसके साथ ही पूर्व मध्य रेलवे के हाजीपुर महाप्रबंधक कार्यालय ने पुराना भोजपुर के समीप बनने वाले रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
कार्य एजेंसी एनएच-120 पथ प्रमंडल (गया) के अनुसार, इस राशि से 5.3 किलोमीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा (टू-लेन पेव्ड शोल्डर) बाईपास रोड तैयार किया जाएगा।
72 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा होगा ROB
इसके तहत पुराना भोजपुर के पास 72 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा आरओबी बनाया जाएगा। कार्यपालक अभियंता इंद्रजीत कुमार आर्य ने बताया कि आरओबी की स्वीकृति मिल चुकी है।
मंत्रालय द्वारा राशि आवंटन का आधिकारिक पत्र एक सप्ताह में मिलने की संभावना है। परियोजना से जुड़े तत्कालीन सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार दुबे ने कहा कि स्थानीय विधायक ने भी विभागीय स्तर पर निर्माण संबंधी अड़चनों को दूर कराने की पहल की है।
जमीन अधिग्रहण पर फंसा पेंच, तय दरों को लेकर रैयत पहुंचे कोर्ट
परियोजना के लिए डुमरांव प्रखंड के चार मौजा, बनकट, पुरैना, डुमरांव और भोजपुर कदीम की कुल 4,000 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण होना है।
जिला भू-अर्जन विभाग दो मौजा में अधिग्रहण पूरा कर चुका है, जबकि शेष दो में कार्य जारी है। अधिग्रहण के दायरे में आने वाले कुल 850 रैयतों में से अब तक 30 प्रतिशत को ही मुआवजा भुगतान किया जा सका है।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विनीत कुमार के अनुसार, सभी रैयतों को तीन बार नोटिस और सार्वजनिक सूचना जारी की जा चुकी है।
शेष रैयत निर्धारित कृषि दर को अनुचित बताते हुए पटना आयुक्त की अदालत में आर्बिट्रेशन दायर कर चुके हैं। विभाग का कहना है कि रैयत तय राशि प्राप्त करने के बाद भी दर वृद्धि के लिए अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जिसके समाधान के लिए अमीन लगातार रैयतों से संपर्क साध रहे हैं।
