बक्सर। जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत रामपुर नहर से कठजा मोड़ होते हुए विवेक राय के खेत तक बाहा की सफाई का कार्य मनरेगा के अंतर्गत होना था लेकिन, मनरेगा कर्मियों एवं कार्य कराने वाले अभिकर्ता के द्वारा बिना कार्य कराए पैसों की निकासी कर ली गई है। यह कहना है राजपुर के डेहरी निवासी अनिल कुमार चौबे का, जिन्होंने इस आशय का आवेदन जिलाधिकारी को दिया है और सरकारी राशि की निकासी के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने फर्जी मास्टर रोल बनाकर योजना में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया है। बहरहाल, मामला जो भी हो लेकिन, इस तरह के फर्जी काम जिले में हुए इससे इनकार नहीं किया जा सकता। निवर्तमान जिलाधिकारी राघवेन्द्र सिंह द्वारा ऐसे कई मामलों में राशि की वापसी कराया जाना और काजीपुर मुखिया पर हुई कार्रवाई से भी यह प्रमाणित होता है कि मनरेगा की योजनाओं में जिले में फर्जीवाड़ा हुआ है। वैसे सुखद बात यह है कि जिले में मनरेगा के अंतर्गत पूर्व में कार्यान्वित योजनाओं में हुई अनियमितताओं पर जिलाधिकारी अमन समीर ने सख्त रवैया अपनाया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो उन्होंने उप विकास आयुक्त से इससे संबंधित फाइलों की मांग की है। ताकि, उन मामलों में अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। यहां बता दें कि दैनिक जागरण ने पहले ही मनरेगा एवं सात निश्चय योजनाओं में हुई गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए इस पर सवाल उठाया था, जिस पर जिलाधिकारी ने उसे संज्ञान में लिया है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं कि इसमें और कई लोगों पर गाज गिरेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

Posted By: Jagran

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