बक्सर: अत्यधिक धूल के कारण नहीं उतर पाया सीएम सम्राट का हेलीकॉप्टर, आनन-फानन में 4 किलोमीटर दूर करवाई गई लैंडिंग
बक्सर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग अत्यधिक धूल के कारण तय स्थान से बदलकर दूसरे हेलीपैड पर ...और पढ़ें

हेलीकॉप्टर की लैंडिंग अत्यधिक धूल के कारण बदली
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग बदली।
अत्यधिक धूल के कारण किला मैदान पर नहीं उतर सका।
भगवान वामन मंदिर में संतों ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।
जागरण संवाददाता, बक्सर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पहले बक्सर दौरे में सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बड़ी चूक सामने आयी। तय कार्यक्रम के अनुसार उनका हेलीकाप्टर किला मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उतरने वाला था, लेकिन अत्यधिक धूल उड़ने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
पायलट ने कई बार हेलीकाप्टर उतारने की कोशिश की, परंतु धूल का गुबार लगातार परेशानी बनता रहा।
हेलीकाप्टर काफी देर तक आसमान में चक्कर लगाता रहा और स्थिति सामान्य होने का इंतजार करता रहा।
प्रशासन ने तत्काल बदली योजना
स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की।
इसके बाद हेलीकाप्टर को किला मैदान से लगभग चार किलोमीटर दूर हवाई अड्डा मैदान स्थित स्थायी हेलीपैड पर उतारा गया।
हालांकि, उस स्थान पर पहले से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। अचानक योजना बदलने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों को अंतिम समय में नई व्यवस्था करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री को सुरक्षित उतारने के बाद हेलीकाप्टर फिर से किला मैदान की ओर रवाना हो गया।
पानी के छिड़काव के बाद सामान्य हुई स्थिति
इस दौरान किला मैदान में धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया।
इसके बाद हालात सामान्य हुए और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री किला मैदान से ही पटना के लिए रवाना हुए।
भगवान वामन मंदिर में संतों ने दिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार बक्सर पहुंचे सम्राट चौधरी का स्थानीय भगवान वामन मंदिर में संत-महात्माओं ने भव्य स्वागत किया।
इस दौरान सदर विधायक आनंद मिश्रा, राजपुर विधायक संतोष निराला और डुमरांव विधायक राहुल सिंह भी मौजूद रहे।
डीएम साहिला ने मुख्यमंत्री को फूलों का गमला भेंटकर स्वागत किया।
इसके बाद सीताराम विवाह आश्रम के महंथ राजाराम शरण दासजी ने उन्हें गमछा और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
संतों ने स्वस्तिवाचन के साथ किया सम्मान
गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी ने मुख्यमंत्री को गमछा भेंट किया, जबकि बसांव मठ के महंथ अच्युत प्रपन्नाचार्य ने माला पहनाकर स्वागत किया।
श्रीनिवास आश्रम के महंथ ने भी उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर संतों द्वारा स्वस्तिवाचन किया गया।
इसके बाद मुख्यमंत्री मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे और भगवान वामन की पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
