बक्सर : नशेड़ियों के लिए स्थानीय रेलवे स्टेशन इन दिनों सेफजोन बना हुआ है। रेल प्रशासन के नाक के नीचे नाबालिग युवक सुलेशन का सेवन कर रहे हैं। लेकिन, रेलपुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग पाती। जानकर बताते हैं कि नाबालिग प्रतिदिन ट्रेन से कचरा चुनने के बाद उसकी बिक्री से मिले पैसों से नशे का सेवन करते हैं। शाम ढलते ही स्टेशन क्षेत्र के आसपास के नशेबाज युवक और किशोरों का जमघट लगना शुरू हो जाता है।

रात में सुलेशन सहित अन्य कई मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। इसके बाद सुबह होते ही काम की तलाश में निकल जाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि रात में रुके रेल यात्रियों के सामानों की चोरी की वारदात को भी यहीं युवक अंजाम देते हैं। सभी किशोर 15-16 वर्ष के हैं। जब तक रेलयात्री कुछ समझ पाते, तब तक पलक झपकते ही ये नशेड़ी किशोर उनके सामान लेकर चंपत हो जाते हैं। हालांकि, अभी ट्रेनें कम चलने से इनकी गतिविधियां थमी हुई है।

सूत्रों की मानें तो इस गैंग का संचालन किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में है। ये सभी नाबालिग आरा और दिलदारनगर के बीच ट्रेनों में साफ-सफाई के दौरान यात्रियों के कीमती सामान गायब कर देते हैं। हलाकि, नशेड़ी गिरोह के संचालक द्वारा युवाओं को उतना ही नशा या पैसा दिया जाता है। जिससे उनकी रात कट जाए और फिर सुबह काम पर निकल पड़े।

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कुछ दिन से नाबालिग स्टेशन परिसर में देखे जा रहे हैं। इन सबकी जांचकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

महेंद्र चौधरी, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी

Posted By: Jagran

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