यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बक्सर पहुंचे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मंदिरों में किया दर्शन
उच न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल शनिवार की दोपहर सपरिवार डुमरांव पहुंचे और यहां राज राजेश्वरी मां भगवती मंदिर ...और पढ़ें

जागरण टीम, बक्सर : उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल शनिवार की दोपहर सपरिवार डुमरांव पहुंचे और यहां राज राजेश्वरी मां भगवती मंदिर में पूजा अर्चना की। वे पटना से श्रमजीवी एक्सप्रेस से डुमरांव पहुंचे। इसके बाद लाला टोली रोड स्थित मां भगवती मंदिर पहुंचने पर मंदिर के पुजारी धीरन शंकर प्रकाश ने पूजा अर्चना की विधि संपन्न कराई। इस मौके पर जिला जज अंजनी कुमार सिंह, एएसपी श्रीराज, एसडीओ कुमार पंकज, बक्सर की सब-जज सीमा कुमारी, एडीजे धर्मेंद्र तिवारी सहित तमाम प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य न्यायाधीश के सपरिवार डुमरांव आगमन को लेकर अनुमंडल प्रशासन विधि-व्यवस्था संधारण सहित उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुबह से ही मुस्तैद रहा। यहां पूजा-अर्चन करने के बाद मुख्य न्यायाधीश का कारवां जिला मुख्यालय बक्सर की ओर कूच कर गया। इसके पहले मुख्य न्यायाधीश को कृषि कालेज में गार्ड आफ आनर दिया गया।
निजी दौरे पर सपरिवार डुमरांव के राज राजेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद मुख्य न्यायाधीश बक्सर के रामरेखा घाट पहुंचे, यहां उन्होंने गंगा पूजा की। इसके बाद वे सर्किट हाउस पहुंचे। सर्किट हाउस में डीएम अमन समीर व एसपी नीरज कुमार सिंह ने उनसे मुलाकात किया। यहां से वामेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद मुख्य न्यायाधीश यूपी के गाजीपुर जिले में स्थित कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए रवाना हो गए। जिले के विशेष महत्वपूर्ण स्थल व मंदिरों के दर्शन करने पहुंचे हाईकोर्ट पटना के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने सपरिवार अफगानी शासक शेरशाह का शौर्य की गाथा वाली ऐतिहासिक धरोहर चौसा युद्धस्थली को भी देखा। उनके साथ और कई न्यायाधीश भी थे। उन्होंने ऐतिहासिक स्थल की इतिहास की जानकारी ली। यहां बने स्तूप के पास खुद खड़े होकर मोबाइल से फोटो खिचवाई। वहां का ²श्य को देखकर उन्होंने कहा कि वाह ये बेहद खूबसूरत है। यहां बने शेरशाह गार्डन व ट्री सेल्फी प्वाइंट की भी तारीफ की। उनके साथ आए अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र मिश्रा ने यहां के इतिहास व खुदाई में मिले पांच हजार वर्ष पूर्व की मूर्तियों के बारे में जानकारी दी। वही इस विरासत के संवारने को लेकर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अजय सहाय को बधाई दी।