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बक्सर के चौसा ताप बिजली घर की दूसरी इकाई से बिजली उत्पादन शुरू, बिहार को मिलेगा लाभ

Published: Sat, 12 Sep 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

बक्सर के चौसा स्थित एसजेवीएन ताप बिजली घर की दूसरी 660 मेगावाट इकाई ने 12 सितंबर से व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. चौसा ताप बिजली घर की दूसरी इकाई ने उत्पादन शुरू किया।

  2. संयंत्र अब कुल 1320 मेगावाट क्षमता पर कार्य करेगा।

  3. बिहार को संयंत्र की 85% बिजली मिलेगी, ऊर्जा संकट में राहत।

जागरण संवाददाता, बक्सर। बिहार के ऊर्जा क्षेत्र और ग्रिड संतुलन की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। एसजेवीएन थर्मल प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाला चौसा स्थित बक्सर ताप बिजली घर अपनी दूसरी इकाई से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय स्टाक एक्सचेंज (एन‌एस‌ई) और बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (बीएस‌ई) को 11 सितंबर को भेजी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, 660 मेगावाट क्षमता वाली इस दूसरी इकाई (यूनिट-II) का व्यावसायिक परिचालन 12 सितंबर को मध्य रात्रि 00:00 बजे से प्रभावी हो जाएगा।

मई में ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन और 31 अगस्त को 72 घंटे के सफल ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अंतिम तकनीकी व सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद कंपनी ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

इस दूसरी इकाई के शुरू होने से चौसा का 1,320 मेगावाट (2x660 मेगावाट) क्षमता वाला यह अति-सुपरक्रिटिकल ताप बिजली घर अब अपनी पूर्ण क्षमता पर काम करने लगेगा।

इससे पहले पहली इकाई (660 मेगावाट) का औपचारिक व्यावसायिक परिचालन 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को किया था।

यह पूरा प्रोजेक्ट अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक से लैस है, जो उच्च कार्यकुशलता के साथ-साथ पर्यावरण पर कम प्रभाव सुनिश्चित करता है। यह संयंत्र सालाना लगभग 9828.72 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा।

बिहार को मिलेगा सीधा लाभ

संयंत्र के पूर्ण परिचालन में आने का सबसे बड़ा सीधा लाभ बिहार को मिलने जा रहा है। एसटीपीएल और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के बीच हुए 25-वर्षीय दीर्घकालिक पावर खरीद समझौते के तहत संयंत्र से उत्पादित कुल बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा यानी 1,122 मेगावाट केवल बिहार की डिस्काम कंपनियों (उत्तरी व दक्षिणी बिहार बिजली वितरण कंपनियां) को दिया जाएगा।

शेष 15 प्रतिशत बिजली केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के आवंटन नियमों के तहत राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से अन्य राज्यों को प्रदान की जाएगी।

इस ऐतिहासिक शुरुआत से बिहार और पूर्वी क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता में काफी बढ़ोतरी होगी, जिससे गर्मियों तथा त्योहारों के दौरान होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलेगी और औद्योगिक विकास को नया बल मिलेगा।

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