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यूपी की सड़क बिहार में आकर अटकी, तीन महीने से NOC का इंतजार; बक्सर-बलिया के बीच नई लाइफलाइन पर ब्रेक

Published: Fri, 21 Aug 2026 09:05 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बलिया से बक्सर-कोईलवर तटबंध तक बनाई जा रही सड़क का निर्माण बिहार सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण तीन माह से रुका है।

चक्की गांव के पास रुका यूपी सरकार का सड़क निर्माण। जागरण

चक्की गांव के पास रुका यूपी सरकार का सड़क निर्माण। जागरण

संवाद सहयोगी, ब्रह्मपुर (बक्सर)। उत्तर प्रदेश सरकार बलिया जिले के बयासी गांव स्थित जनेश्वर मिश्र पुल से बक्सर-कोईलवर तटबंध तक नई सड़क का निर्माण करा रही है।

उत्तर प्रदेश के तीन गांव गंगा के दक्षिण में बक्सर जिले की सीमा से घिरे हुए हैं। इन गांवों तक आवागमन के लिए यूपी सरकार ने पुल का निर्माण कराया है और अब संपर्क पथ बनाया जा रहा है।

इस सड़क और पुल से यूपी के तीन गांवों के साथ बक्सर जिले की बड़ी आबादी को भी लाभ मिलेगा। हालांकि, बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की आपत्ति के कारण करीब तीन महीने से संपर्क पथ का निर्माण रुका हुआ है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के इन गांवों का मुख्य रास्ता बक्सर-कोईलवर तटबंध से होकर गुजरता है, जो बिहार की सीमा में है। सड़क की चौड़ाई 9 मीटर है।  

संपर्क पथ को तटबंध पर बनी सड़क से जोड़ा जाना है। इसके लिए बिहार के बक्सर जिला जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया जाना है। एनओसी नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य बाधित है।

तटबंध से 30 से 35 मीटर पहले रुका काम

यह सड़क जनेश्वर मिश्र पुल से परानपुर होते हुए चक्की गांव के सामने बक्सर-कोईलवर तटबंध तक बनाई जा रही है। यूपी सीमा क्षेत्र में करीब नौ मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है।

चक्की गांव के सामने तटबंध से करीब 30 से 35 मीटर पहले निर्माण कार्य रुका हुआ है। बलिया पथ निर्माण विभाग ने करीब तीन महीने पहले एनओसी के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।

निर्माण एजेंसी के टुन्नू जी पाठक ने बताया कि चक्की गांव के सामने मिलन बिंदु पर विभाग ने काम रोक दिया है। एनओसी के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक अनुमति नहीं मिली है।

बक्सर जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता कन्हैयालाल सिंह ने बताया कि स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब एनओसी को लेकर वरिष्ठ स्तर से निर्णय होना है।

स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी

स्थानीय ग्रामीणों में निर्माण कार्य रुके रहने को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए नई लाइफलाइन साबित हो सकती है।

इसके निर्माण से बक्सर और भोजपुर के लोगों को बारिश के दौरान भी आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही, दोनों राज्यों के बीच दूरी कम होने के साथ कई जिलों के लोगों का आवागमन भी सुगम होगा।

फिलहाल बारिश के मौसम में पक्की सड़क नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चक्की गांव के विश्राम सिंह यादव और शिवकुमार यादव ने कहा कि विभागीय स्तर पर फाइल लंबित रहने के कारण सड़क का निर्माण रुका हुआ है। उन्होंने जल्द एनओसी जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

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