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बक्सर में 128 करोड़ की 3 सड़कें पेड़ों में उलझीं, वन विभाग की एनओसी के इंतजार में निर्माण ठप

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:34 PM (IST)

बक्सर में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित तीन महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण वन विभाग से ...और पढ़ें

निर्माणाधीन गोलंबर ज्योति चौक बाइपास सड़क। जागरण

निर्माणाधीन गोलंबर ज्योति चौक बाइपास सड़क। जागरण

HighLights

  1. बक्सर में तीन महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण बाधित।

  2. वन विभाग से पेड़ों को हटाने की अनुमति नहीं मिली।

  3. 128 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं अधर में।

जागरण संवाददाता, बक्सर। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान राजपुर में घोषित जिले की तीन महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण पेड़-पौधों के कारण बाधित हो गया है।

निर्माण मार्ग में आने वाले पेड़ों को हटाने की अनुमति वन विभाग से नहीं मिलने के कारण कार्य ठप पड़ा है। इसको लेकर सड़क निर्माण विभाग और वन विभाग के बीच पत्राचार जारी है। 

लेकिन अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिल सका है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूरा होने में देरी हो रही है।

तीन महत्वपूर्ण सड़कों का काम प्रभावित

प्रभावित योजनाओं में गोलंबर से ज्योति चौक तक फोरलेन बाइपास, बड़ी मस्जिद से केंद्रीय कारा तक सड़क और पुराना भोजपुर से सिमरी तक सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण निर्माण शामिल है।

इन तीनों सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था और कुछ हिस्सों में काम भी किया गया है। हालांकि, मार्ग में मौजूद पेड़ों को नहीं हटाए जाने के कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।

सड़क निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालक अभियंता विभूति चंद ने बताया कि पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं मिलने से सड़क निर्माण प्रभावित हुआ है। निर्माण मार्ग में बड़ी संख्या में पेड़ बाधा बने हुए हैं।

इन्हें हटाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेना आवश्यक है। विभाग की ओर से इसके लिए पहले ही पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की संभावना है।

128 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहीं सड़कें

विभागीय जानकारी के अनुसार, बड़ी मस्जिद से केंद्रीय कारा तक सड़क का निर्माण 36 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है।

वहीं, गोलंबर से ज्योति चौक तक फोरलेन बाइपास परियोजना पर 41 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके अलावा पुराना भोजपुर से सिमरी तक करीब नौ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 51 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से होना है।

केशोपुर में पौधारोपण के लिए चयनित हुआ स्थल

पेड़ों को हटाने के बदले पौधारोपण के लिए सिमरी के केशोपुर में स्थल का चयन कर वन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव को भी अब तक मंजूरी नहीं मिली है।

ऐसे में सड़क निर्माण विभाग को वन विभाग की स्वीकृति का इंतजार है। अनुमति मिलने और पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन परियोजनाओं पर काम में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल, स्वीकृति में देरी के कारण तीनों सड़कों का निर्माण अधर में लटका हुआ है।

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