बक्सर में 49 लाख की लागत से बननी थी सड़क, 4 मई को ही खत्म हुई समय सीमा; ठेकेदार का अता-पता नहीं
बक्सर के सिमरी में 49 लाख की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा बीतने के चार महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका है।

बक्सर में 49 लाख की लागत से बननी थी सड़क
HighLights
बक्सर के सिमरी में 49 लाख की सड़क परियोजना लंबित।
निर्धारित समय सीमा बीतने के चार महीने बाद भी काम शुरू नहीं।
ठेकेदार लापता, ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी।
संवाद सहयोगी, सिमरी (बक्सर)। पुल बन गया, सड़क निर्माण की योजना भी स्वीकृत हो गई। कार्यस्थल पर योजना का बोर्ड लगा और उसमें काम शुरू करने से लेकर पूरा करने तक की तारीख भी दर्ज कर दी गई। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के चार महीने बाद भी सड़क निर्माण की शुरुआत नहीं हो सकी है।
ऐसे में पुल से गोपालपुर तक सड़क संपर्क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों के सामने अब सवाल है कि योजना आखिर धरातल पर कब उतरेगी। वैसे ग्रामीण कार्य विभाग की ढेर सारी सड़कों का यही हाल है। विभाग में समुचित आवंटन उपलब्ध नहीं होने के कारण ठीकेदार हाथ खड़े करते जा रहे हैं।
49.047 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि स्वीकृत
मामला ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल डुमरांव की ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत चिलहरी गांव में मुख्यमंत्री सेतु योजना से निर्मित नए पुल से मंझवारी पंचायत के गोपालपुर तक सड़क निर्माण का है।
योजना के लिए 49.047 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि स्वीकृत की गई थी। कार्यस्थल पर लगाए गए बोर्ड के अनुसार चयनित एजेंसी को 5 मई 2025 से काम शुरू कर 4 मई 2026 तक पूरा करना था।
समय सीमा बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं
अब निर्धारित अवधि खत्म हुए चार महीने से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। बोर्ड लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुल से गोपालपुर तक आवागमन का रास्ता सुगम होगा। समय सीमा बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं होने से यही उम्मीद अब इंतजार में बदल गई है।
पंचायत समिति सदस्य अंशु कुमारी ने कहा कि ग्रामीण इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि योजना का काम आखिर कब शुरू होगा। उनका कहना है कि बोर्ड लगाने के बाद भी निर्माण नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। विभाग को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से पंचायत सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। पुल बनने के बाद सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन सड़क निर्माण लंबित रहने से इसका लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में संबंधित ठीकेदार मनीष कुमार का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
