यूपी की किशोरी से दुष्कर्म मामले में बक्सर कोर्ट का फैसला, दोषी भाइयों की जेल में कटेगी पूरी जिंदगी
बक्सर की पॉक्सो कोर्ट ने 13 साल पुराने दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाया है। दो भाइयों को मृत्युपर्यंत कारावास और ...और पढ़ें

यूपी की किशोरी से दुष्कर्म मामले में दो भाइयों को मृत्युपर्यंत कारावास की सजा।
HighLights
बक्सर कोर्ट ने 13 साल पुराने दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाया।
दो भाइयों को मृत्युपर्यंत कारावास की सजा सुनाई गई।
पीड़िता को 18 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश।
जागरण संवाददाता, बक्सर। उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अंतर्गत बांसडीह थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी से बक्सर के सोनबरसा में 13 साल पूर्व हुए दुष्कर्म मामले का फैसला बुधवार को हुआ।
एडीजे-छह सह पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर एक ही परिवार के पिता पुत्र समेत तीन लोगों को दोषी पाया है।
पीड़िता के साथ की गई क्रूरता की पराकाष्ठा को देखते हुए जगत नट के दो बेटे मुन्ना नट और गणेश नट को मृत्यु पर्यन्त कारावास की सजा सुनाई है। गणेश नट की कारावधि को ही सजा में तब्दील करते हुए मुक्त करने का आदेश दिया।
2013 में खेत में काम करते समय किया था दुष्कर्म
पाक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि दुष्कर्म की यह वारदात जुलाई 2013 की है। 15 वर्षीय किशोरी खेत में काम कर रही थी।
इसी दौरान उसे कुछ सुंघाकर जगत नट तथा उनके दो पुत्र मुन्ना नट और गणेश नट ने अचेत कर दिया। वहां से उठाकर अपने घर बक्सर के सोनबरसा ले आए।
यहां तीनों ने मिलकर किशोरी के साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म किया। बच्ची के विरोध करने पर उसे लोहे का राॅड गर्म कर दागा जाता था।
जांच में पीड़िता के शरीर पर नौ जगह जलने के निशान के साथ ही उसके प्राइवेट पार्ट पर भी अत्याचार किए जाने के प्रमाण मिले।
मौका मिलते ही हैवानों के चंगुल से भागी किशोरी
उसी दौरान 28 सितंबर 2023 को किसी तरह मौका मिलते ही किशोरी आरोपितों के चंगुल से निकल भागी और ग्रामीणों को पूरी बात बताते हुए पुलिस के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
किशोरी की मेडिकल जांच के दौरान उसके शरीर पर नौ जगह दागे जाने के निशान पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्शन में आई।
दोनों भाइयों मुन्ना नट, गणेश नट के साथ उनके पिता जगत नट के अलावा इस कृत्य में सहयोग देने वाली महिला शांति देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हालांकि, बाद में वे जमानत पर छूटकर बाहर आ गए थे। इस बीच केस के ट्रायल के दौरान ही आरोपित महिला शांति देवी की मौत हो गई।
कारा अवधि पूरा करने के कारण पिता मुक्त
मामले की सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर नामजद तीनों आरोपितों को दोषी पाते हुए बुधवार को सजा सुनाई।
पीड़िता पर किए गए अत्याचार को देखते हुए कोर्ट ने दोनों भाइयों मुन्ना नट और गणेश नट को विभिन्न धाराओं के तहत मृत्युपर्यन्त कारावास की सजा के साथ दोनों को अलग-अलग धाराओं में 30-30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को 15 लाख रुपये तथा उसके शरीर पर मौजूद जख्मोें के लिए तीन लाख रुपये अलग से दिए जाने का आदेश दिया है।
