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अलर्ट पर बक्सर! गंगा खतरे के निशान के करीब, कर्मनाशा नदी डेंजर लेवल से 36 सेमी ऊपर

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:24 PM (IST)

बक्सर जिले में गंगा और कर्मनाशा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ की चिंताएं गहरा गई हैं।

बक्सर में बाढ़ के हालात। फोटो जागरण

बक्सर में बाढ़ के हालात। फोटो जागरण

HighLights

  1. बक्सर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा।

  2. चौसा में कर्मनाशा नदी खतरे के निशान से 36 सेमी ऊपर।

  3. सिमरी के दियारा क्षेत्र में आवागमन प्रभावित, प्रशासन अलर्ट।

जागरण टीम, बक्सर/चौसा/सिमरी। गंगा और कर्मनाशा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बक्सर जिले के तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। बक्सर में गंगा का जलस्तर बुधवार शाम तीन बजे 59.12 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 20 सेंटीमीटर नीचे है।

पिछले चार दिनों में गंगा का जलस्तर करीब ढाई मीटर बढ़ चुका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रयाग और वाराणसी में जलस्तर घटने लगा है और बक्सर में भी वृद्धि की रफ्तार तीन सेंटीमीटर से घटकर करीब एक सेंटीमीटर रह गई है।

दूसरी ओर चौसा में कर्मनाशा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 60.75 मीटर पहुंच गया है, जो निर्धारित खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर अधिक है।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बक्सर में बाढ़ के बाद गंगा का जलस्तर घटते हुए 56.81 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद समुद्री तूफान के प्रभाव से हुई भारी वर्षा और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पानी बढ़ने के कारण नदी के जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि शुरू हुई।

मंगलवार शाम बक्सर में जलस्तर 58.69 मीटर था, जो बुधवार सुबह आठ बजे 59.03 और सुबह 10 बजे 59.07 मीटर पहुंच गया। इसके बाद वृद्धि की रफ्तार और धीमी हुई तथा शाम तीन बजे जलस्तर 59.12 मीटर दर्ज किया गया।

गुरुवार शाम से जलस्तर घटने की उम्मीद

ऊपरी इलाकों से मिल रहे संकेत बक्सर के लिए फिलहाल राहत देने वाले हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रयाग और वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब घटने लगा है, जबकि गाजीपुर में अभी वृद्धि जारी है।

मौजूदा प्रवृत्ति को देखते हुए गुरुवार तक बक्सर में भी जलस्तर बढ़ने की रफ्तार थमने और इसके बाद पानी घटने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच चुके जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में निगरानी जरूरी हो गई है।

चौसा में कर्मनाशा नदी की स्थिति अधिक गंभीर

इधर, चौसा में कर्मनाशा नदी की स्थिति अधिक गंभीर है। केंद्रीय जल आयोग के चौसा बेस स्टेशन पर बुधवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 60.75 मीटर दर्ज किया गया।

यहां खतरे का निशान 60.39 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं चेतावनी स्तर 59.39 मीटर निर्धारित है, जिसके मुकाबले मौजूदा जलस्तर 1.36 मीटर अधिक है।

सिमरी के दियारा इलाके में घबराए लोग

गंगा के दोबारा बढ़ने से सिमरी प्रखंड के दियारा क्षेत्र में भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। श्रीकांत राय के डेरा गांव के दक्षिण भागड़ के समीप गंगौली-जनेश्वर मिश्र सेतु मार्ग पर तीसरी बार पानी चढ़ गया है।

जलस्तर बढ़ने के कारण इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि पानी बढ़ने की रफ्तार जारी रही तो अगले 48 घंटे में गांव से बाहर निकलने वाले अन्य संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं।

अंचल अधिकारी ने लिया बाढ़ क्षेत्र का जायजा

स्थिति को देखते हुए अंचलाधिकारी भगवती शंकर पांडेय ने बुधवार को तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने गंगौली-जनेश्वर मिश्र सेतु मार्ग पर जलजमाव का जायजा लिया और जोखिमपूर्ण मार्ग पर आवागमन रोकने के लिए रामदास राय के डेरा थानाध्यक्ष को बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और संभावित बाढ़ को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा है। ग्रामीणों से पानी चढ़े मार्गों पर आवागमन नहीं करने और जलस्तर की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की गई है।

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