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16 किलोमीटर की दूरी 38 मिनट में तय कर आरा पहुंची RAF, दिखाया कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर कैसे संभालेगी मोर्चा

Published: Thu, 05 Nov 2026 04:06 PM (IST)

आरएएफ की 114वीं बटालियन ने आरा में आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास किया, जिसमें कोईलवर से नवादा थाना तक 16 किमी की दूरी 38 मिनट में तय की गई।

अभ्यास के दौरान आरा पहुंची रैपिड एक्शन फोर्स। सौ: पुलिस

अभ्यास के दौरान आरा पहुंची रैपिड एक्शन फोर्स। सौ: पुलिस 


HighLights

  1. आरएएफ ने 16 किमी की दूरी 38 मिनट में तय की।

  2. आपातकालीन प्रतिक्रिया और परिचालन तत्परता का विशेष अभ्यास किया गया।

  3. भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और पुलिस समन्वय का प्रदर्शन हुआ।

जागरण संवाददाता, आरा। कोईलवर से आरा शहर की करीब 16 किलोमीटर की दूरी महज 38 मिनट में तय कर गुरुवार की सुबह 114वीं बटालियन रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीम नवादा थाना पहुंच गई।

किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई और परिचालन तत्परता को परखने के लिए आरएएफ की ओर से यह विशेष अभ्यास किया गया।

इस दौरान जिला पुलिस और आरएएफ के बीच बेहतर समन्वय, भीड़ नियंत्रण तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों का प्रदर्शन किया गया।

114वीं बटालियन की कंपनी के सहायक कमांडेंट पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में जवानों ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया। नवादा थाना के दारोगा दीपक कुमार के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

अभ्यास के तहत आपातकालीन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया, सामरिक तैयारी तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की क्षमता को परखा गया।

38 मिनट में तय की 16 किलोमीटर की दूरी

अभ्यास के दौरान आरएएफ की टीम को कोईलवर से आरा शहर के नवादा थाना तक पहुंचना था। टीम ने करीब 16 किलोमीटर की दूरी 38 मिनट में पूरी की।

इस दौरान रास्ते में आने वाली चुनौतियों और निर्धारित समय में घटनास्थल तक पहुंचने की क्षमता का आकलन किया गया।

इसका उद्देश्य यह देखना था कि किसी बड़ी घटना, अचानक उत्पन्न तनाव अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति में आरएएफ कितनी तेजी से मौके पर पहुंचकर स्थानीय पुलिस के साथ मोर्चा संभाल सकती है।

भीड़ नियंत्रण और संयुक्त कार्रवाई का प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान जवानों ने भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने, आपसी तालमेल और अनुशासित तरीके से कार्रवाई करने की रणनीति का प्रदर्शन किया।

इस क्रम में शारीरिक दक्षता, टीम भावना, अनुशासन और कार्यकुशलता पर विशेष जोर दिया गया। स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।

आपात स्थिति से निपटने की तैयारी

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आकस्मिक संकट अथवा विधि-व्यवस्था संबंधी चुनौती के दौरान कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। नियमित अभ्यास से जवानों को वास्तविक परिस्थितियों में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में मदद मिलती है।

ऐसे संयुक्त अभ्यास से जिला पुलिस और आरएएफ के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और कार्यक्षमता मजबूत होती है। साथ ही, अप्रत्याशित परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने की क्षमता भी विकसित होती है।

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