भोजपुर। बड़हरा प्रखंड अंतर्गत गंगा दियारा इलाके में शिवदियरी, बड़हरा महाजी महाल आदि मौजों की लगभग 20 हजार बीघा अनसर्वे जमीन जिस पर राजस्व विभाग ने नया फरमान जारी किया है के विरुद्ध प्रभावित रैयतदार किसानों ने एक वृहद बैठक प्रखंड मुख्यालय प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक बड़हरा जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले संयोजक उदयनाथ ¨सह उर्फ विमल ¨सह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें बिहार सरकार राजस्व विभाग द्वारा जारी फरमान कि उक्त अनसर्वे जमीनों का लगान रसीद नहीं काटा जाएगा। लगान रसीद नहीं काटे जाने की स्थिति में जमीन की न तो खरीद-बिक्री हो सकती है नहीं दाखिल खारिज ही हो सकता है। जिससे घबराए व नाराज रैयती किसानों ने राजस्व विभाग के किसान विरोधी काले कानून के खिलाफ हर स्तर तक लड़ने के लिए कमर कस लिया है। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि अनसर्वे जमीन का मालगुजारी रसीद काटा जाए, जमीन की खरीद-बिक्री व दाखिल खारिज करवाने का आदेश दिया जाए। साथ ही उक्त जमीन से संबंधित सभी रिकार्ड व संचिकाएं छपरा जिला से हस्तांतरित कर आरा के बड़हरा अंचल कार्यालय से संचालित कराई जाए। किसानों ने इस आशय से संबंधित एक मांग पत्र बड़हरा अंचल के माध्यम से जिलाधिकारी आरा को भी भेजा गया। जिसकी प्रतिलिपि सदर अनुमंडल पदाधिकारी व बीडीओ को भी भेजी गई। मौके पर उदयनाथ ¨सह, कृष्णमोहन पांडेय, रामचंद्र ¨सह, अजीत कुमार ¨सह, जय राम यादव, भृगुनाथ ¨सह, सुरीठ ¨सह, गोधन ¨सह, रामप्रताप ¨सह, राम अवतार ¨सह, मुरलीधर पितांबर धारी ¨सह, बन्टी ¨सह विराट, उमेश ¨सह, दूधनाथ पांडेय, सत्यदेव ¨सह सहित दर्जनों रैयतदार किसान विभिन्न गांवों से पहुंचे थे।

Posted By: Jagran