विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आरा: कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 शुरू, 85 तरह के कृषि यंत्रों पर मिलेगा 40 से 80% तक अनुदान

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:16 PM (IST)

कृषि विभाग ने आरा में कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 शुरू की है, जिसके तहत किसान 85 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80% तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 शुरू (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 शुरू (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. 85 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80% अनुदान।

  2. किसान 30 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

  3. ड्रोन तकनीक पर भी पहली बार मिलेगा अनुदान।

जागरण संवाददाता, आरा। खेती में बढ़ती मजदूरी और लगातार बढ़ रही उत्पादन लागत के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। कृषि विभाग ने कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान 30 सितंबर से कृषि विभाग के आनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 

योजना के तहत जिले में इस वर्ष 85 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रविधान किया गया है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए भौतिक और वित्तीय लक्ष्य जारी कर दिए गए हैं। इस योजना का कुल बजट 798.35 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की भागीदारी है।

ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से होगा चयन

योजना का लाभ लेने वाले किसानों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। लाटरी में चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र यानी परमिट जारी किया जाएगा। परमिट मिलने के बाद किसान निर्धारित समय के अंदर संबंधित कृषि यंत्र खरीद सकेंगे। परमिट की वैधता 15 दिनों की होगी। 

इस अवधि में किसान को निर्धारित कृषि यंत्र खरीदना अनिवार्य होगा। समय सीमा के अंदर यंत्र नहीं खरीदने पर परमिट स्वत: समाप्त हो जाएगा। कृषि यंत्र खरीदने के बाद अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

आधुनिक यंत्रों पर मिलेगा अनुदान

कृषि यांत्रीकरण योजना में खेती के विभिन्न कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है। इनमें खेत की जुताई, बुआई, रोपनी, निकाई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों से संबंधित मशीनें शामिल हैं। विभाग का उद्देश्य आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर किसानों के समय, श्रम और मजदूरी की लागत को कम करना है।

ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर होगा स्थापित

कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कुल 13 ड्रोन इकाइयों के लिए 65 लाख रुपये की राशि तय की गई है। कृषि स्नातक आवेदक को ड्रोन की लागत का 50 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम पांच लाख रुपये तक दिया जाएगा। बताते चलें कि पहली बार ड्रोन को योजना में शामिल किया गया है।

क्या कहते हैं पदाधिकारी

कृषि प्रोद्योगिकी प्रबंध अभिकरण के उपनिदेशक मंटू कुमार ने बताया कि कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 के लिए आठ सितंबर से आनलाइन आवेदन शुरू हो गया है। किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। चयनित किसानों को परमिट जारी होने के बाद तय अवधि में कृषि यंत्र की खरीद करनी होगी। विभाग का प्रयास है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के अधिक इस्तेमाल से खेती की लागत घटे और किसानों की आय बढ़े।

एक नजर में वर्ग वार लाभ वितरण (कुल लक्ष्य)

  • सामान्य वर्ग : 1277 भौतिक इकाइयां | वित्तीय राशि: 579.81962 लाख रुपये
  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग 362 भौतिक इकाइयां | वित्तीय राशि: 85.90399 लाख रुपये
  • अनुसूचित जाति 356 भौतिक इकाइयां | वित्तीय राशि: 126.43732 लाख रुपये
  • अनुसूचित जनजाति: 118 भौतिक इकाइयां | वित्तीय राशि: 6.1959 लाख रुपये

यह भी पढ़ें- भोजपुर में बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत, 1.34 लाख परिवारों को मिले 94 करोड़ रुपये