भोजपुर में बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत, 1.34 लाख परिवारों को मिले 94 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान राशि का डीबीटी शुभारंभ किया।

कलेक्ट्रेट में आपदा पीड़ितों के खाते में अनुदान राशि ट्रांसफर के दौरान मौजूद प्रभारी मंत्री और अन्य। सौ: प्रशासन
जागरण संवाददाता, आरा। जिले के बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के बाढ़ प्रभावित परिवारों को आनुग्रहिक अनुदान राशि के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) का शुभारंभ किया।
इसी क्रम में भोजपुर जिले के 1,34,247 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में प्रति परिवार 7,000 रुपये की दर से कुल करीब 94 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। राशि सीधे खातों में पहुंचने से बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिली है।
भोजपुर में सबसे अधिक शाहपुर अंचल के 52,378 परिवारों को राशि मिली है। इसके बाद बड़हरा के 43,636, आरा सदर के 33,900, बिहिया के 3,327 और कोईलवर के 1,006 परिवारों के खाते में अनुदान राशि का हस्तांतरण किया गया।
इस प्रकार पांच अंचलों के कुल 1,34,247 परिवारों को प्रथम चरण में लाभ मिला है। वहीं, जिले के शेष पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशि हस्तांतरित करने के लिए डेटा प्रेषण का कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग-सह-प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, सांसद सुदामा प्रसाद, अगिआंव विधायक महेश पासवान, संदेश विधायक राधाचरण साह, विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष तथा महापौर इंदु देवी उपस्थित थे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में भोजपुर से जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा भी शामिल हुए। इस दौरान अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, उप विकास आयुक्त, भोजपुर, सहायक समाहर्ता, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तथा संबंधित अंचल अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रशासन के अनुसार, शेष पात्र परिवारों का डेटा तैयार कर राज्य स्तर पर भेजने की प्रक्रिया जारी है। डेटा सत्यापन एवं प्रेषण पूरा होने के बाद पात्र लाभुकों के खातों में भी आनुग्रहिक अनुदान राशि भेजी जाएगी। इससे बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास कार्य में आर्थिक मदद मिलेगी।
