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17 अक्टूबर की सुबह मूल नक्षत्र में खुलेगा माता का पट, 20 को विसर्जन; 18 को महाअष्टमी का व्रत

Published: Wed, 14 Oct 2026 04:57 PM (IST)

उदवंतनगर में दुर्गा पूजा की तिथियां और महत्वपूर्ण अनुष्ठान बताए गए हैं, जिसमें 17 अक्टूबर को मां दुर्गा का अवतरण और 20 अक्टूबर को विसर्जन होगा।

17 अक्टूबर की सुबह मूल नक्षत्र में खुलेगा माता का पट, 20 को विसर्जन; 18 को महाअष्टमी का व्रत (AI Generated Image)

17 अक्टूबर की सुबह मूल नक्षत्र में खुलेगा माता का पट, 20 को विसर्जन; 18 को महाअष्टमी का व्रत (AI Generated Image)

HighLights

  1. 17 अक्टूबर को मूल नक्षत्र में मां दुर्गा का अवतरण।

  2. महाअष्टमी व्रत 18 अक्टूबर को, हवन 19-20 अक्टूबर तक।

  3. 20 अक्टूबर को श्रवण नक्षत्र में विजयादशमी और विसर्जन।

संवाद सूत्र, उदवंतनगर (आरा)। आश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि, शनिवार 17 अक्टूबर को मूल नक्षत्र में धरा धाम पर मां दुर्गा अवतरित होंगी व भक्तों को दर्शन देकर कृतार्थ करेंगी। अगले दिन 18 अक्टूबर, रविवार को महाअष्टमी तिथि मनाई जाएगी व श्रद्धालु अष्टमी का व्रत रखेंगे।

महानवमी 19 अक्टूबर तथा विजयादशमी का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके साथ ही नवरात्र का दस दिवसीय उत्सव संपन्न माना जाएगा। हवन का कार्यक्रम 19 अक्टूबर से लेकर 20 अक्टूबर की सुबह तक चलेगा।

शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि 16 अक्टूबर, शुक्रवार को प्रातः 6.22 बजे से मूल नक्षत्र का आगमन हो रहा है, जो आश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर, शनिवार की सुबह 8.48 बजे तक रहेगा।

माता का आह्वान मूल नक्षत्र में करने की परंपरा है। पंडित विवेकानंद पांडेय, पंडित विश्वनाथ तिवारी, पंडित उषाकांत तिवारी और पंडित ध्रुप पाठक ने बताया कि भगवती के आह्वान में नक्षत्र विशेष का बहुत महत्व होता है।

शनिवार को सुबह 8.58 बजे से पहले नवपत्रिका प्रवेश, सरस्वती आह्वान और देवी स्थापना होना जरूरी है। वहीं, 20 अक्टूबर, मंगलवार को श्रवण नक्षत्र युक्त दशमी पड़ रही है। इस दिन मध्याह्न कालीन विजयादशमी भी मिल रही है।

श्रवण नक्षत्र का आगमन सोमवार को दिन में 2.01 बजे होगा, जो मंगलवार को दिन में 4.09 बजे तक रहेगा। श्रवण नक्षत्र में ही माता की विदाई की जाती है।

कब से कब तक रहेगी तिथि:

पंडित विवेकानंद पांडेय ने बताया कि सप्तमी तिथि का आगमन 16 अक्टूबर, शुक्रवार की रात्रि 3.49 बजे हो रहा है, जो 17 अक्टूबर, शनिवार की शाम 5.48 बजे तक रहेगी।

अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह 5.49 बजे से शुरू होकर सोमवार, 19 अक्टूबर की सुबह 6.53 बजे तक रहेगी। इस बार अष्टमी पूरा भोग कर रही है।

नवमी तिथि 19 अक्टूबर, सोमवार की सुबह 6.54 बजे से शुरू होकर 20 अक्टूबर, मंगलवार की सुबह 9.34 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी।

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