आरा। विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त तक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मनाया जा रहा है। इस क्रम में कोरोना के कारण बिना समूह में बैठे फोन के माध्यम से अथवा गृह भ्रमण कार्य के तहत घर- घर जाकर मां का दूध अमृत समान, छह माह तक के बच्चे को मां का दूध देना उत्तम, बच्चे के जन्म के 1 घंटे के अंदर मां का पहला गाढ़ा पीला दूध शिशु के सेहत के लिए जरूरी का संदेश माताओं तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बेहतर संचालन हेतु गुगल मीट के माध्यम से जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आइसीडीएस ने सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका एवं पोषण अभियान से जुड़े कर्मियों संग वर्चुअल बैठक की। उन्होंने आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं महिला पर्यवेक्षिका को निर्देश दिया कि हाल में दिए गए फ्लिप बुक के माध्यम से चित्रों को प्रदर्शित कर लोगो को बताएं कि मां के दूध में सभी तरह के पौष्टिक आहार उपलब्ध होते हैं। इससे बच्चे का पेट तो भरता ही है बहुत सारी बीमारियों के वायरस से सुरक्षा भी करता है। गृह भ्रमण के दौरान सेविकाएं, महिला पर्यवेक्षिका एवं सीडीपीओ घरों में रहने वाले अन्य लोगों के स्वास्थ्य के विषय में भी पूछती जाएंगी एवं किसी प्रकार संक्रमण की आशंका होने पर उन्हें जांच कराने की सलाह के साथ टोल फ्री नम्बर पर सूचित भी करेंगी। साथ ही उक्त गतिविधि को संकलित कर डैशबोर्ड पर अपलोड भी करवाते जाने का निर्देश दिया गया।

Posted By: Jagran

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