आरा। कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के मामले में प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित कलर थेरेपी पूरी तरह से कारगर है। इस आशय की जानकारी आयूष कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के संचालक डॉ. पी. पुष्कर ने कोरोना से बचाव को ले प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित एक कार्यशाला में दी। उन्होंने बताया कि कलर थेरेपी से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे इस बीमारी के प्रभाव से सुरक्षा संभव है। इस बाबत शुक्रवार को अस्पताल रोड स्थित ओम साईं अपार्टमेंट में कोरोना वायरस से बचाव को प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित कलर थेरेपी का निश्शुल्क कार्यशाला आयोजित किया गया, जिसमें कोरोना वायरस से बचने के कई आवश्यक टिप्स बताए गए। डॉ पी. पुष्कर ने बताया कि कलर थेरेपी से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार ला कर करोना वायरस से बचा जा सकता है। इस थेरेपी के जरिए हथेली पर चक्रों को सक्रिय कर शरीर के रोगप्रतिरधक क्षमता को बढ़ाकर करोना वायरस के प्रभाव को रोका जा सकता है। इस चिकित्सा विधि में किसी को भी किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट होने की कोई गुजाइश नहीं होती है। कलर थेरेपी पूर्ण रूप से प्राकृतिक चिकत्सा पद्धति है। कार्यशाला में बतौर चिकित्सक काजल कुमारी, लक्ष्मी देवी, आरती सिंह, विनय सिंह, चंदन सिंह, प्रिय रंजन, विकास सिंह आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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