बिहार-UP सीमा विवाद पर बड़ा फैसला: 1156 बीघा जमीन रहेगी जब्त, भोजपुर के तीन गांवों के किसानों को अब समाधान की उम्मीद
बिहार-यूपी सीमा विवाद के कारण भोजपुर के तीन गांवों की 1156 बीघा विवादित जमीन को स्थायी समाधान होने तक जब्त ...और पढ़ें
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तीन गांवों के किसानों के साथ अधिकारियों ने की बैठक
HighLights
बिहार-यूपी सीमा विवाद में 1156 बीघा जमीन जब्त।
भोजपुर के तीन गांवों के किसानों को समाधान की उम्मीद।
अधिकारियों और किसानों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
संवाद सूत्र, बड़हरा (भोजपुर)। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के कारण तीन गांवों के किसानों की जमीन का मामला उलझा हुआ है। सोहरा, त्रिभुआनी और पद्ममिनीया गांवों के बीच भूमि विवाद के स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर पहल की है।
शनिवार को बड़हरा अंचल कार्यालय में अधिकारियों और किसानों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें विवादित जमीन के दस्तावेजों को दुरुस्त करने से लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने तक कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विवाद का स्थायी समाधान होने तक पूर्व नाम पद्ममिनीया और वर्तमान मौजा सोहरा की 1156 बीघा जमीन जब्त रहेगी।
इसके साथ ही सोहरा मौजा के दक्षिणी हिस्से को भी जब्त करने का दिशा-निर्देश दिया गया है। इस पहल से किसानों में लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की उम्मीद जगी है।
तीन गांवों के किसानों के साथ अधिकारियों ने की बैठक
बड़हरा अंचल कार्यालय में आयोजित बैठक में एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह, अंचलाधिकारी अंशु प्रसून और कृष्णगढ़ थानाध्यक्ष रौशन कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने सोहरा, त्रिभुआनी और पद्ममिनीया गांवों के किसानों के साथ भूमि विवाद के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार-यूपी सीमा विवाद का समाधान निकालना और विवादित जमीन को लेकर किसानों के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखना था।
बिहार से यूपी स्थानांतरित जमीन के दस्तावेज भेजने की तैयारी
बैठक में त्रिवेदी आयोग की अनुशंसा के आधार पर बिहार से उत्तर प्रदेश को स्थानांतरित किए गए मौजों के भूमि अभिलेखों पर भी चर्चा हुई।
इसमें मंदरौली कंस उर्फ त्रिभुआनी और मोहनपुर के किसानों के जमीन संबंधी दस्तावेजों को उत्तर प्रदेश के बलिया जिलाधिकारी के पास भेजने की तैयारी पर विचार किया गया।
इसके लिए जरूरी कागजात तैयार करने और अभिलेखों को व्यवस्थित करने के मुद्दे पर अधिकारियों और किसानों के बीच बातचीत हुई। माना जा रहा है कि दस्तावेजों के आदान-प्रदान से सीमा विवाद के समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
1156 बीघा जमीन विवाद सुलझने तक रहेगी जब्त
बैठक में किसानों को बताया गया कि सोहरा, त्रिभुआनी और पद्ममिनीया गांवों के बीच भूमि विवाद का समाधान होने तक पूर्व नाम पद्ममिनीया और वर्तमान मौजा सोहरा की 1156 बीघा जमीन जब्त रखी जाएगी।
इसके अलावा सोहरा मौजा के दक्षिणी भाग को भी जब्त करने का दिशा-निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य विवादित जमीन को लेकर किसी तरह की नई समस्या और तनाव की स्थिति पैदा होने से रोकना है।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भी रहे मौजूद
बैठक में त्रिभुआनी गांव के किसान और भारतीय किसान संघ भोजपुर के संयोजक दया शंकर सिंह के साथ हरिमोहन सिंह और धर्मेंद्र सिंह शामिल हुए।
वहीं, सोहरा गांव से पवन सिंह, सत्येंद्र सिंह, धनंजय सिंह और मनोज सिंह ने अपनी बात रखी। पद्ममिनीया गांव से गेंदा यादव और दशरथ यादव सहित कई अन्य किसान भी बैठक में मौजूद रहे।
लगातार बैठकों से किसानों को स्थायी समाधान की उम्मीद
बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े इस भूमि विवाद के कारण तीनों गांवों के किसानों के सामने लंबे समय से परेशानी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लगातार बैठकें कर मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
शनिवार की बैठक में जमीन के अभिलेखों और विवादित भूमि को लेकर हुई चर्चा के बाद किसानों को उम्मीद है कि प्रशासनिक पहल से वर्षों पुराने विवाद का कोई स्थायी रास्ता निकल सकेगा। हालांकि, अंतिम समाधान के लिए आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की कार्रवाई अहम होगी।
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