भोजपुर में महज डेढ़ फीट जमीन के विवाद ने ली दो की जान; 6 से अधिक घायल
भोजपुर के चरपोखरी में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें राजनाथ सिंह और राधेश्याम सिंह ...और पढ़ें

जमीन विवाद को लेकर मारपीट। फोटो जागरण
HighLights
चरपोखरी में भूमि विवाद के कारण खूनी संघर्ष हुआ।
दो व्यक्तियों की मौत, छह से अधिक लोग घायल हुए।
पुलिस की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
जागरण संवाददाता, चरपोखरी (आरा)। भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में शुक्रवार की रात भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच उपजा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
इस मारपीट की घटना में एक पक्ष के राजनाथ सिंह तथा दूसरे पक्ष के राधेश्याम सिंह की मौत हो गई। जबकि दोनों पक्ष के महिला समेत लगभग आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए है!
सभी जख्मी का सीएचसी चरपोखरी और सदर अस्पताल,आरा में इलाज चल रहा है। राधेश्याम सिंह जमशेदपुर के निजी कंपनी में काम करते थे। जबकि राजनाथ सिंह पेशे से किसान थे। पुलिस मामले की जांच और गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
बताया जाता है कि मदई निवासी जलंधर प्रसाद और रामदेव सिंह के परिवारों के बीच शुरू हुआ यह विवाद गांव से मारपीट से शुरू हुआ। डेढ़ फीट जमीन को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है।
जिसके बाद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर जरूर पहुंची थी, लेकिन स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के बजाय दोनों पक्षों को अस्पताल जाकर इलाज कराने की नसीहत देकर वापस लौट गई।
पुलिस के जाने के बाद हत्या
बिना किसी पुलिस संरक्षण के जब दोनों पक्ष अस्पताल पहुंचे, तो वहां का माहौल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अस्पताल परिसर में ही दोनों गुट एक बार फिर आमने सामने आ गए और उनके बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई।
इस हिंसक झड़प में गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण राजनाथ सिंह की मौत हो गई। मृतक पेशे से किसान थे। इस पूरी घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच इस बात की चर्चा है कि यदि पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों पक्षों को अपनी सुरक्षा में अस्पताल भेजा होता, तो शायद इस अनहोनी को टाला जा सकता था।
पुलिस की कथित अनुपस्थिति और शिथिलता को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। फिलहाल पुलिस सभी जख्मियों को अपने हिरासत में लेकर इलाज करा रही है।
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर संशय
अस्पताल परिसर में हुई इस हिंसक झड़प की कड़ियों को जोड़ने में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम कड़ी साबित हो सकता है। हालांकि स्थानीय सूत्रों के अनुसार अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले कुछ समय से खराब पड़े हुए थे।
अब पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना के वक्त कैमरों की वर्तमान स्थिति क्या थी और क्या यह पूरी वारदात तीसरी आंख में कैद हुई है या नहीं।
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