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मंचूरियन ने ली जान, भोजपुर में बच्ची की मौत के बाद हड़कंप; दादी-भाई अस्पताल में भर्ती

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:26 PM (IST)

भोजपुर के हसन बाजार में मंचूरियन खाने के बाद दादी-पोती समेत चार लोग बीमार पड़ गए।

अस्पताल में दादी का चल रहा इलाज और मृत बच्ची। (जागरण)

अस्पताल में दादी का चल रहा इलाज और मृत बच्ची। (जागरण)

HighLights

  1. मंचूरियन खाने के बाद दादी-पोती समेत चार लोग बीमार।

  2. सात वर्षीय काव्या कुमारी की इलाज के दौरान मौत हुई।

  3. पुलिस मामले की जांच कर रही है, कारण स्पष्ट नहीं।

जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के हसन बाजार थाना क्षेत्र के हसन बाजार गांव में गुरुवार की रात मंचूरियन खाने के बाद दादी व पोती समेत चार लोगों की हालत बिगड़ गई।

इसमें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। वहीं बच्ची की दादी का इलाज सदर अस्पताल, आरा में कराया जा रहा है।

दो अन्य बच्चों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। मृत बच्ची सात वर्षीय काव्या कुमारी हसन बाजार गांव निवासी कुंदन कुमार गुप्ता की पुत्री थी।

बीमार लोगों में उसका 13 वर्षीय भाई बिट्टू कुमार, नौ वर्षीय भाई रोहित कुमार और 70 वर्षीय दादी चंद्रावती कुंवर शामिल हैं। मृतका की दादी चंद्रावती कुंवर ने बताया कि उनके रिश्ते में लगने वाला भांजा बाजार से मंचूरियन खरीदकर घर लाया था।

परिवार के सभी लोगों ने उसे खाया था। खाने के कुछ देर बाद सभी को दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इसी दौरान काव्या की हालत अचानक गंभीर हो गई।

स्वजन उसे इलाज के लिए रोहतास जिले के बिक्रमगंज स्थित निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

चिकित्सक ने अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं चंद्रावती को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। बिट्टू और रोहित का इलाज परिजन निजी अस्पताल में करा रहे हैं।

पुलिस कर रही मामले की जांच

हसन बाजार थानाध्यक्ष जयराम शुक्ला ने बताया कि मंचूरियन खाने के बाद बच्ची की मौत होने और उसकी दादी व दो भाइयों के बीमार होने की सूचना मिली है।

हालांकि, मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही बच्ची की मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। काव्या तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और माता-पिता की इकलौती लाडली थी।

उसके माता-पिता पंजाब के लुधियाना में रहकर एक निजी कंपनी में काम करते हैं। मां सुमन देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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