भोजपुर में CBI ट्रैप के बाद डाक निरीक्षक गौरव कुमार गायब, छुट्टी आवेदन रद; अब मोबाइल CDR से खुलेगा राज
सीबीआई की कार्रवाई के बाद भोजपुर में मुख्य डाकघर से जुड़े कथित घूसकांड के दूसरे आरोपी डाक निरीक्षक गौरव कुमार ...और पढ़ें

डाकघर घूसकांड मामले की जांच तेज। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, आरा। मुख्य डाकघर से जुड़े कथित घूसकांड में सीबीआई की कार्रवाई के बाद दूसरे आरोपित डाक निरीक्षक गौरव कुमार फरार बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार गौरव कुमार ने छुट्टी के लिए आवेदन दिया था, लेकिन विभाग की ओर से उनकी छुट्टी मंजूर नहीं की गई। इसके बावजूद वह ड्यूटी से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं।
सीबीआई की जांच में उनके मोबाइल नंबर के अलावा उनके संपर्क में रहने वाले परिजनों के मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड सीडीआर, मोबाइल लोकेशन और बातचीत से जुड़े साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया गया है। बताया जा रहा है कि गौरव कुमार पटना में बेउर जेल के आसपास रहते हैं।
रविवार रात में दिया था आवेदन, किए गए अनुपस्थित
उनकी तलाश में सीबीआई की टीम संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है। मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई है।
डाक अधीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि गौरव कुमार के द्वारा ऑनलाइन छुट्टी का आवेदन रविवार की रात्रि में दिया गया था।
सोमवार को उनका आवेदन देखते हुए अनुपस्थित पाका आवेदन रद कर दिया गया। जवाब नहीं देने पर उन पर चार्जशीट दाखिल किया जाएगा। वे बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित हैं।
255 ग्रामीण डाक सेवकों में 82 पद खाली
सूत्रों के अनुसार जिले में करीब 255 ग्रामीण डाक सेवक कार्यरत हैं, जबकि लगभग 82 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। रिक्त पदों के कारण ग्रामीण डाक सेवकों से कंबाइंड ड्यूटी लिए जाने की बात सामने आई है।
इसके एवज में करीब तीन हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान किए जाने की व्यवस्था बताई जा रही है। इसी व्यवस्था से जुड़े लेनदेन और कथित मांग को भी जांच के केंद्र में रखा गया है।
जुलाई में ज्वाइनिंग के बाद शुरू हुई थी कथित मांग
मामले में शिकायतकर्ता संदीप कुमार हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने जुलाई के अंतिम समय में छोटकी सासाराम शाखा में डाकपाल के पद पर योगदान किया था।
ज्वाइनिंग के समय से ही कथित तौर पर उनसे पैसे की मांग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि औरंगाबाद डिविजन में डाक सहायक के पद पर कार्यरत अरवल में पोस्टेट पुरुषोत्तम कुमार, जो भोजपुर जिले के कोइलवर प्रखंड के भगवतपुर जलपुरा तापा के रहने वाले हैं।
संदीप कुमार से लगातार फोन पर संपर्क कर कथित रूप से पैसे की मांग कर रहे थे। संदीप की ओर से इसकी जानकारी सीबीआई तक पहुंचाए जाने के बाद एजेंसी ने पूरे मामले की निगरानी शुरू कर दी गई है।
वेतन मिलने के बाद मांगे गए 10 हजार
सूत्रों के अनुसार संदीप कुमार के खाते में करीब दो माह का वेतन नियमित रूप से आने के बाद उनसे कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की गई।
बातचीत के दौरान संदीप कुमार ने पैसे देने पर सहमति जताई। इसके बाद सीबीआई ने ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने करीब तीन दिनों तक मामले की निगरानी और ट्रैप की तैयारी की। इसके बाद तय योजना के तहत कार्रवाई करते हुए डाक विभाग से जुड़े आरोपित को कथित घूस की रकम के साथ पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान केमिकल लगे नोट और अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए।
गौरव कुमार की भूमिका की जांच जारी
मामले में अब सीबीआई की जांच का फोकस डाक निरीक्षक गौरव कुमार की भूमिका पर भी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित लेनदेन में उनकी क्या भूमिका थी और किन लोगों के बीच किस स्तर पर बातचीत हुई।
मोबाइल सीडीआर, लोकेशन और संबंधित लोगों के बीच हुई बातचीत को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद डाक विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित घूसकांड में कितने लोग शामिल थे और रकम की मांग के पीछे किस स्तर पर पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।
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