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फेसबुक लाइव, तीखी बहस और फिर गोलीबारी... पढ़ें भोजपुर भरत तिवारी एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी

Published: Sun, 21 Jun 2026 07:27 PM (IST)

भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के कथित मुठभेड़ पर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों पर चर्चा हो रही है।

भरत तिवारी एनकाउंटर। (जागरण)

भरत तिवारी एनकाउंटर। (जागरण)

HighLights

  1. भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी मुठभेड़ पर सवाल।

  2. एसटीएफ ने रात में ही गांव में घेराबंदी की थी।

  3. परिजनों का आरोप, भरत ने आत्मसमर्पण की पेशकश की।

संवाद सूत्र, शाहपुर (आरा)। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के युवक भरत भूषण तिवारी के कथित मुठभेड़ को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों की मानें 16 घंटे के अंदर बिलौटी गांव में ऑपरेशन का पूरा जाल बिछा था हालांकि, इन दावों की पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 16 जून की शाम शाहपुर थाना को सूचना मिली कि भरत भूषण तिवारी हथियार के साथ गांव में घूम रहा है।

सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे। इस दौरान भरत तिवारी और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

पिस्टल के साथ वीडियो हुआ था वायरल

घटना के दौरान उसके हाथ में पिस्टल दिखाई देने का वीडियो भी सामने आया। बताया जाता है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि युवक मानसिक तनाव से गुजर रहा है तथा उसे इलाज की जरूरत है।

सूत्रों के अनुसार, प्रसारित वीडियो के बाद पुलिस अधिकारियों के स्तर पर तत्कालीन थानाध्यक्ष से जवाब-तलब किया गया था। इसके बाद जगदीशपुर एसडीपीओ की निगरानी में कार्रवाई तेज हुई थी।

स्थानीय लोगों का दावा है कि 16 जून की रात से ही गांव के आसपास पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई थीं तथा एसटीएफ की टीम भी शाहपुर थाना पहुंच गई थी।

पूरी रात भरत तिवारी के घर और आसपास निगरानी रखी गई। ग्रामीणों के अनुसार, 17 जून की सुबह करीब चार बजे पुलिस ने भरत भूषण तिवारी के घर के मुख्य दरवाजे की घेराबंदी कर दी।

इसके बाद वह छत पर चढ़ गया था और पुलिस से बहस करता रहा था। पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखे हुए थी।

काफी देर तक हुई बहस

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गांव के खेत में पुलिस और भरत तिवारी के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस हुई थी। इसी दौरान उसने इंटरनेट मीडिया पर फेसबुक लाइव भी किया था।

स्वजन और कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि भरत तिवारी ने कई बार आत्मसमर्पण करने की बात कही और हथियार भी फेंक दिया था। दू

सरी ओर पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। यही पूरे मामले का सबसे विवादित पहलू बना हुआ है।

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