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भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: पुलिस मुख्यालय ने तेज की जांच, FIR और मां का आवेदन तलब

Published: Sun, 21 Jun 2026 10:21 PM (IST)

भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ प्रकरण की पुलिस मुख्यालय स्तर पर अंदरूनी जांच तेज हो गई ...और पढ़ें

भरत तिवारी एनकाउंटर। (जागरण)

भरत तिवारी एनकाउंटर। (जागरण)

HighLights

  1. पुलिस मुख्यालय ने भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ की जांच तेज की।

  2. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए।

  3. नेताओं ने हाईकोर्ट जज से जांच और मुआवजे की मांग की।

जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी चर्चित पुलिस मुठभेड़ प्रकरण की पुलिस मुख्यालय स्तर पर अंदरूनी जांच और समीक्षा तेज हो गई है।

पुलिस मुख्यालय ने मामले से संबंधित पुलिस की ओर से की गई तीनों प्राथमिकी की प्रतियां तथा मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी द्वारा दिए गए आवेदन की प्रति तलब की है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पूरे प्रकरण में पुलिस की ओर से तीन अलग-अलग प्राथमिकी की गई हैं।

एक प्राथमिकी में भरत भूषण तिवारी समेत उनके पिता काशी नाथ तिवारी एवं भाई चंदन तिवारी तीनों को आरोपित किया गया है। स्वजन पर अवैध हथियार रखने में संरक्षण देने का गंभीर आरोप है।

बेटे को मारी पांच गोलियां

दूसरी ओर मृतक की मां आशा देवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जगदीशपुर डीएसपी के आदेश पर अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को पांच गोलियां मारीं है।

आवेदन में डीएसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपित किया गया है ,जो अभी जांच के अधीन है। दूसरी ओर, रविवार को शाहपुर के बिलौटी गांव में स्व.भरत तिवारी के स्वजन से मिलने के लिए रविवार को दिनभर नेताओं का तांता लगा रहा।

स्वजनों से मिले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के नेतृत्व में राजद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और स्वजनों से मिलने के बाद विधानसभा की सर्वदलीय समिति से मामले की जांच कराने की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में स्वजन से मिला और न्याय दिलाने की बात कही। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश सिंह ने स्वजन से मिलने के बाद सेवानिवृत्त जज से जांच को नाकाफी बताया और हाईकोर्ट के सीटिंग जज से कथित एनकाउंटर की जांच कराने की मांग की।

साथ ही स्वजनों एक करोड़ रुपये का मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।

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