आरा, जेएनएन। पटना और भोजपुर के चर्चित देह व्‍यापार व दुष्‍कर्म कांड में राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक अरुण यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। इस मामले में शुक्रवार को आरा कोर्ट ने संदेश के राजद विधायक के विरुद्ध वारंट जारी कर दिया। इससे पूर्व केस के आईओ ने कोर्ट में राजद विधायक अरुण यादव के विरुद्ध साक्ष्य दिखाते हुए अपडेट डायरी समर्पित की। इसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट निर्गत कर दिया।

बता दें कि पीडि़त नाबालिग लड़की द्वारा कोर्ट में दिए बयान में विधायक आवास पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ 11 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसी पर शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। उधर, पुलिस पटना से लेकर भोजपुर तक विधायक की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। लेकिन पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं, गिरफ्तारी के डर से विधायक भूमिगत हो गए बताए जा रहे हैं। 

मालूम हो कि 18 जुलाई को पटना में संचालित देह व्‍यापार गिरोह के चंगुल से भागकर भोजपुर पुलिस के पास पहुंची लड़की ने इंजीनियर और विधायक के आवास पर भेजे जाने की बात कही थी। इस मामले में पकड़ी गई संचालिका अनीता देवी ने स्वीकार भी इसे किया था। पीडि़ता का आरा कोर्ट में पहली बार बयान 20 जुलाई को दर्ज हुआ था। बीते छह सितंबर को पीडि़त लड़की द्वारा आरा कोर्ट में दोबारा बयान दर्ज कराया गया था। इसमें पीडि़ता ने कहा कि पटना स्थित विधायक के आवास पर उसके साथ गंदा काम किया गया।

उधर आरोपी राजद विधायक को मिले चार अंगरक्षकों को भोजपुर एसपी सुशील कुमार के आदेश पर लाइन वापस कर दिया गया है। इस प्रकरण में कानूनी शिकंजा कसने के बाद विधायक अरुण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस कांड की जांच में एसआइटी ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। मामले की मॉनीटरिंग पटना पुलिस मुख्यालय में वरीय अधिकारी भी कर रहे हैं। इस प्रकरण में अब तक संचालिका अनीता, उसके दलाल संजीत और अभियंता अमरेश के अलावा सेक्स रैकेट के संचालक संजय यादव उर्फ जीजा को पुलिस जेल भेज चुकी है।

Posted By: Rajesh Thakur

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