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Ara News: आरा में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराया, ओवरलोडिंग से ठप पड़े एसी-कूलर

Published: Wed, 20 May 2026 01:56 PM (IST)

आरा में भीषण गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती और ओवरलोडिंग से उपभोक्ता परेशान हैं। कूलर-एसी ठप पड़ गए ...और पढ़ें

आरा में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराया, ओवरलोडिंग से ठप पड़े एसी-कूलर (AI Generated Image)

आरा में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराया, ओवरलोडिंग से ठप पड़े एसी-कूलर (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, आरा। बढ़ती भीषण गर्मी और उमस से आम जनजीवन त्रस्त हैं। दिन के अलावा रात में भी बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। महाराजा हाता के शिव मंगल सिंह ने बताया कि बढ़ती गर्मी मेंं बिजली की समस्या बढ़ गई है। इनवर्टर भी प्रर्यााप्त चार्ज के अभाव में बंद हो जा रहा है। घर में कूलर और एयर कंडीशनर बेकार साबित हो रहे हैं।

दिन और रात में प्रत्येक आधे घंटे में बिजली गुल हो जा रही है। विभाग द्वारा बताया जा जाता है कि फ्यूज उड़ा है। 20 मिनट में ठीक करने का आश्वासन दिया जाता है। इसके बाद आधे घंटे में बिजली आती है और रात में भी यही हालत बनी हुई है। इससे बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी कम परेशान नहीं हैं।

आरा अरबन दो के एसडीओ आलोक कुमार ने बताया कि कम संसाधन में 72 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को गर्मी से मुक्ति के लिए दिनरात मेहनत कर रहे हैं। विगत पांच साल में भोजपुर जिले में 18 प्रतिशत उपभोक्ता की संख्या बढ़ी है।

वहीं, संसाधनों में विकास के नाम पर समय समय पर आउटसाेर्सिंग कर्मचारियों की संख्या मात्र सात बढ़ाई गई है। गड़बडी ठीक करने के लिए विभाग ने आरा बिजली सबडिविजन को चार जोन में बांटा है। अरबन वन, अरबन सेकंड और ग्रामीण और कोईलवर।

शहर में बिजली कटौती को दुरुस्त करने के लिए पांच सेक्शन है। एक सेक्शन में सात मानव बल मिस्त्री हैं। आरा अरबन दो में 32 हजार उपभोक्ता हैं।

पांच साल पहले से ही बिजली कटौती को ठीक करने के लिए आठ मानव बल रखा था, जो आजतक बरकरार है। अभी एक दिन में तीन सौ से अधिक फ्यूज कॉल की शिकायत आ रही है, वहां महज आठ मानव बल पावर आपूर्ति को कैसे दुरुस्त करेंगे।

ओवरलोड के कारण कट रही बिजली

गर्मी का पारा जैसे-जैसे अपने चरम पर पहुंचता है, लोग गर्मी से परेशान हो जाते हैं। वे अपने घरों में एसी को चालू कर देते हैं। इस तरह के एक मोहल्ले में कई उपभोक्ता कूलर और एसी को एकाएक चालू कर देते हैं।

इसका असर होता है कि स्थानीय ट्रासफार्मर पर बोझ बढ़ जाता है। आम दिनों में 75 मेगावट तक सीमित रहने वाली बिजली की मांग अब 132 मेगावट पर पहुंच गई है।

क्या कहते हैं पदाधिकारी?

शहर में बिजली की कटौती उपभोक्ताओं के दोष के कारण हो रहा है। घरों में आईएसआई मॉड्यूल के बिजली उपकरण नहीं लगाना भी कारण है घरों में फाल्ट से पूरे क्षेत्र में बिजली गुल हो जाती है। - निखिल कुमार, कार्यपालक अभियंता

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