ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती का दावा गलत; UPSC में नहीं मिली 301वीं रैंक, आयोग ने किया स्पष्ट
संघ लोक सेवा आयोग के अंतिम परिणाम में 301वीं रैंक को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। भोजपुर की आकांक्षा ...और पढ़ें

ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह

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जागरण संवाददाता, आरा। संघ लोक सेवा आयोग का अंतिम परिणाम (UPSC CSE Result 2025) आने के साथ ही 301वीं रैंक पर दो अलग-अलग दावे किए गए थे। हालांकि, अब इन दावों की सच्चाई सामने आ गई है। आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
301वीं रैंक पर दो दावों को लेकर बीते दो दिनों से बवाल मचा हुआ था। इनमें एक ओर भोजपुर जिले की आकांक्षा सिंह ने तो दूसरी ओर यूपी के गाजीपुर जिले की इसी नाम की अभ्यर्थी ने दावा किया था।
दोनों ने ही अपनी रैंक 301वीं बताई थी। अब यूपीएससी ने स्पष्ट कर दिया है कि 301वीं रैंक भोजपुर की नहीं, बल्कि गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह को मिली है।
ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं आकांक्षा सिंह
बता दें कि भोजपुर जिले की आकांक्षा रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं। ब्रह्मेश्वर मुखिया की 2012 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बिहार में हुए इस हत्याकांड ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
बहरहाल, यूपीएससी का रिजल्ट आने के बाद उनके घर बधाई देने वालों का भी तांता लग गया था। वे मीडिया को इंटरव्यू भी देने लगी थीं।
उन्होंने इन साक्षात्कारों में बताया था कि उन्होंने आरा के डीके जैन कॉलेज से अंग्रेजी में स्नातक की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में तैयारी की। दूसरे प्रयास में उनको सफलता मिली है।
माता-पिता और दादा से मिली प्रेरणा
आकांक्षा ने तब दावा करते हुए अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के समर्पण और दादा से मिली प्रेरणा को दिया। यह भी कहा कि उन्हें आईआरएस संवर्ग हासिल हुआ है। हालांकि, वह भारतीय विदेश सेवा में जाने की चाहत रखती हैं।
उन्होंने बताया कि कूटनीतिक स्तर पर देश की वैश्विक छवि को बेहतर बनाने के लिए वह अपना योगदान देना चाहती हैं और इसलिए वह फिर से बेहतर रैंक लाने के लिए अपना प्रयास जारी रखेंगी।
बोलीं- रोज 10 घंटे की पढ़ाई
उन्होंने दावा करते हुए यह भी कहा कि सतत तैयारी और इच्छा शक्ति के आगे यह मायने नहीं रखता कि आप कहां से आते हैं, मैंने दिल्ली में तैयारी के लिए कोचिंग ली और आठ से 10 घंटे प्रति दिन सतत पढ़ाई की।
उन्होंंने बताया कि सुमन शर्मा मैडम की बोर्ड में उनका 30-32 मिनट तक साक्षात्कार हुआ, इस दौरान पद्म पुरस्कार से सम्मनित हुए लोक गायक भरत सिंह भारती के बारे में भी एक सवाल पूछा गया।
आकांक्षा के पिता ने क्या कहा?
बता दें कि बेटी की सफलता के दावे पर इंदुभूषण सिंह ने भी मीडिया से बात की थी। उन्होंने कहा कि पिता जी हमेशा चाहते थे कि घर से कोई यूपीएससी की परीक्षा पास कर अधिकारी बने और बिटिया ने यह सपना पूरा कर दिया।
मां रिंकू सिंह ने इसके लिए ईश्वर को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि उनके दो बच्चे हैं, बिटिया अधिकारी बन गई और बेटा इंजीनियिंग की पढ़ाई कर रहा है।
हालांकि, भोजपुर की आकांक्षा के ये सभी दावों को यूपीएससी ने नकार दिया है। यूपीएससी की ओर से स्पष्ट की गई जानकारी के मुताबिक 301वीं रैंक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह नाम की अभ्यर्थी को मिली है।
