पीरो (भोजपुर) । प्रखंड के सहेजनी गांव में चल रहे श्री लक्ष्मीनारायण सह मां काली प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के दौरान अपने प्रवचन के क्रम में श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्री जीयर स्वामी ने कहा कि व्यक्ति को ईश्वर द्वारा प्राप्त शरीर और संसाधनों का कभी दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से शक्ति और साधन क्षीण होते हैं।

प्रहलाद अपने पिता हिरण्यकश्यपु द्वारा लाख समझाने एवं प्रताड़ित करने के बावजूद भगवान की भक्ति से दूर नाही हुए तब हिरण्यकश्यपु ने प्रहलाद को जलाने के लिए होलिका का उपयोग किया। होलिका जब प्रज्जवलित अग्नि में प्रह्लाद को लेकर बैठी तो प्रभुकृपा से ऐसी आधी आयी चादर होलिका के शरीर से उड़कर प्रह्लाद के शरीर को ढक लिया। होलिका जल गयी और प्रहलाद बच गए। होलिका का उद्देश्य पवित्र नहीं था। इसलिए सहयोगी साधन भी विपरीत परिणाम दे दिया। उन्होंने कहा कि नकारात्मक विचार और कुकृत्य से समाज में व्यक्ति को यथोचित सम्मान प्राप्त नहीं होता है। स्वामी जी ने कहा कि वाणी पर संयम रखना चाहिए। बिना सोचे-विचारे कुछ नहीं कहना चाहिए। कहीं भी जायें दुर्गुण और अपयश लेकर नहीं लौटें। प्रयास हो कि वहां अपने संस्कार संस्कृति एवं परम्परा के अनुरूप कुछ विशिष्ट छाप छोड़कर आएं। जीयर स्वामी ने कहा कि ''धर्मो रक्षति रक्षित:। यानी जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी रक्षा धर्म करता है।

आवास योजना के 27 लाभार्थियों पर दायर होगा नीलाम-पत्र वाद

संवाद सहयोगी, पीरो : प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्रथम किस्त की राशि भुगतान किए जाने के बावजूद आवास निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराने वाले लाभार्थियों के विरूद्ध नीलाम-पत्र वाद दायर किया जाएगा। इसके लिए प्रखंड विकास पदादिकारी मानेन्द्र कुमार सिंह ने कुल 27 लाभार्थियों की सूची अंचलाधिकारी पीरो को समर्पित करते हुए तत्काल सूची में शामिल सभी लाभार्थियों के विरूद्ध नीलाम-पत्र दायर कर अग्रेतर कार्रवाई की अनुशंसा की है।

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