विक्रमशिला सेतु के 67 एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलेंगे! कंक्रीट स्लैब हटे, स्टील गर्डर लांचिंग शुरू; 14 जनवरी तक डेडलाइन
Vikramshila Setu Restoration Update: विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य के 26 दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें कमजोर कंक्रीट स्लैब ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Restoration Update: भागलपुर में विक्रमसेतु का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
HighLights
कमजोर कंक्रीट स्लैब और गर्डर सफलतापूर्वक हटाए गए।
नए स्टील गर्डर लॉन्चिंग का काम तेजी से जारी।
67 एक्सपेंशन जॉइंट्स और इंस्पेक्शन चेंबर बदले जाएंगे।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Restoration Update: उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य को शुरू हुए 26 दिन पूरे हो चुके हैं। इस अवधि के दौरान सेतु के तीनों सबसे कमजोर कंक्रीट स्लैब और गर्डर को सफलतापूर्वक काटकर हटाने की जटिल प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
अब पुल पर नए स्टील गर्डर लांच करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। एजेंसी द्वारा बरारी स्थित यार्ड में स्टील गर्डर की असेंबलिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। हालांकि, त्योहारी सीजन के चलते काम की गति पर आंशिक असर पड़ा है, लेकिन पुल निर्माण निगम का दावा है कि 14 जनवरी की तय समय-सीमा के भीतर काम को पूरा कर लिया जाएगा।
नवगछिया छोर पर गर्डर लांचिंग शुरू, कटिंग टीम की विदाई
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुनर्स्थापन कार्य पूरी तरह तय योजना के मुताबिक संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नवगछिया की ओर एक हिस्से में स्टील गर्डर लांचिंग का काम शुरू कर दिया गया है। दो में से एक स्टील गर्डर को सही तरीके से सेट कर दिया गया है, जबकि दूसरे गर्डर को भी जल्द स्थापित किया जाएगा। इसके बाद क्रमवार तरीके से सभी चारों चिह्नित स्थलों पर गर्डर लांच किए जाएंगे।
उधर, स्लैब कटिंग का जिम्मा संभाल रही महाराष्ट्र की एजेंसी 'वाटते एंड एसोसिएट' के कर्मियों ने बताया कि उनकी टीम को मिला कटिंग का प्राथमिक काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। एजेंसी के अधिकांश तकनीकी विशेषज्ञ लौट चुके हैं और शेष 10-12 कर्मी भी अगले दो दिनों में रवाना हो जाएंगे।
67 एक्सपेंशन ज्वाइंट और इंस्पेक्शन चेंबर बदले जाएंगे
पुनर्स्थापन योजना के तहत केवल स्लैब ही नहीं, बल्कि पूरे विक्रमशिला सेतु की उम्र (लाइफ) बढ़ाने के लिए वृहद तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। सेतु के सभी 67 पुराने एक्सपेंशन ज्वाइंट्स को हटाकर नए सिरे से फेब्रिकेशन का काम शुरू कर दिया गया है।
ओवरलोड वाहनों के लगातार परिचालन और लंबे समय से समुचित रखरखाव के अभाव में कई स्थानों पर इन ज्वाइंट्स का गैप बढ़कर खतरनाक रूप से 6 से 7 इंच तक हो गया था। नए उच्च गुणवत्ता वाले एक्सपेंशन ज्वाइंट विशेष रूप से भोपाल और कोलकाता से मंगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सेतु की खराब हो चुकी बेयरिंग को भी बदला जा रहा है।
डामर में दबे चेंबरों का होगा कायाकल्प
पुल के स्वास्थ्य और आंतरिक निगरानी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इंस्पेक्शन चेंबरों (पुल के बीच के ढक्कन) को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा। वर्षों से मेंटेनेंस के अभाव और बार-बार डामर बिछाने व पैचवर्क करने के दौरान इन चेंबरों को अनदेखा कर ऊपर से ढक दिया गया था।
भारी वाहनों और गिट्टी-डामर के अत्यधिक वजन से चेंबर के ढक्कन टूटकर अंदर धंस चुके थे। अब इन सभी चेंबरों को पूरी तरह खोलकर नए मानक ढक्कन लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में नियमित अंतराल पर पुल के आंतरिक हिस्सों की तकनीकी जांच आसानी से हो सके।
