भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटा तो बढ़ी हलचल, बियाडा घाट पर 50 मीटर आगे खिसका प्लेटफॉर्म, जलयान सेवा पर नजर
भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद जलयान सेवा जारी रखने के लिए बियाडा घाट पर प्लेटफॉर्म को 50 ...और पढ़ें

बियाडा गंगा घाट पर जलयान सेवा के लिए आगे खिसकाया गया प्लेटफॉर्म।
HighLights
गंगा जलस्तर घटने से भागलपुर में हलचल बढ़ी।
बियाडा घाट प्लेटफॉर्म 50 मीटर आगे बढ़ाया गया।
जलयान सेवा निर्बाध जारी रखने की तैयारी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट के बीच भागलपुर में जलयान (जहाज) सेवा की रफ्तार बनाए रखने के लिए घाट पर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। पानी के पीछे हटने के कारण बियाडा गंगा घाट पर जलयान के प्लेटफॉर्म को सोमवार तक करीब 50 मीटर गंगा की ओर आगे खिसका दिया गया है।
यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और चारपहिया-दोपहिया वाहनों के सुगम चढ़ाव-उतार को सुनिश्चित करने के लिए जलयान संचालक, जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग (RCD) के संयुक्त सहयोग से नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। इसी सिलसिले में देर रात तक ट्रकों के माध्यम से रास्ता बनाने की निर्माण सामग्री घाट पर गिराई जाती रही।
किनारे पर जहाज फंसने का खतरा, इसलिए बढ़ाया गया प्लेटफॉर्म
गंगा का जलस्तर घटने से घाट के किनारे पानी की गहराई काफी कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में बड़े जलयान को सीधे किनारे तक लाने और यात्रियों को चढ़ाने-उतारने में जहाज के नीचे की सतह में फंसने की आशंका बनी रहती है।
इस जोखिम से बचने के लिए प्लेटफॉर्म को नदी के गहरे हिस्से की ओर बढ़ाना बेहद जरूरी था। जलयान संचालक जीरिया कंपनी के राजशेखर ने बताया कि आने वाले दिनों में जलस्तर में थोड़ी और गिरावट आ सकती है।
हालांकि, नदी के आगे वाले हिस्से में पर्याप्त गहराई मिलने से जलयान का परिचालन और भी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जलस्तर में बदलाव के हिसाब से रास्ते और प्लेटफॉर्म को रोज समायोजित किया जा रहा है ताकि किसी भी यात्री को परेशानी न हो।
10 मीटर और घटेगा जलस्तर, लेकिन नहीं रुकेगी सेवा
मामले पर जल संसाधन विभाग, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में गंगा का जलस्तर अभी कुछ और नीचे जा सकता है, जिससे नदी का फैलाव लगभग 10 मीटर तक कम होने का अनुमान है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि इससे जलयान के संचालन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा और नदी के मुख्य चैनल में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा। संचालक राजशेखर ने भी यात्रियों और वाहन चालकों को भरोसा दिलाया कि बियाडा घाट से जलयान सेवा लगातार और निर्बाध रूप से चालू रहेगी।
