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भागलपुर में 226 करोड़ से बनेगा स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम, बनेंगे 6 पंपिंग स्टेशन और 500 सिल्ट ट्रैप

Published: Mon, 26 Oct 2026 08:04 PM (IST)

भागलपुर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए 226.76 करोड़ रुपये की लागत से स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. 226 करोड़ की लागत से ड्रेनेज सिस्टम बनेगा।

  2. 74 किमी नालियां, 6 पंपिंग स्टेशन शामिल।

  3. शहर को 90% जलजमाव से राहत मिलेगी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में 226.76 करोड़ रुपये की लागत से स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

74 किलोमीटर लंबी नालियों के निर्माण, छह ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और 500 प्रमुख सिल्ट ट्रैप बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया।

स्थायी समाधान को लेकर सोमवार को स्मार्ट सिटी सभागार में मेयर डा. बसुंधरा लाल की अध्यक्षता में स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

चयनित एजेंसी यूनिफार्म इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार परियोजना रिपोर्ट की समीक्षा हुई। जिसमें 51 वार्डों के सभी नालों को आपस में जोड़ते हुए ट्रीटमेंट के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। दक्षिणी क्षेत्र का पानी स्थायी पंपिंग स्टेशन के माध्यम से गोरधोई नदी तक भेजा जाएगा।

मेयर ने कहा, यह परियोजना शहर में जलजमाव की समस्या से लगभग 90 प्रतिशत तक मुक्ति दिलाएगी। राशि आवंटन के लिए विभागीय मंत्री से वार्ता एवं पहल की गई है।

चरणबद्ध तरीके से राशि स्वीकृत कराकर जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ कराया जाए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। बैठक के दौरान पार्षदों ने कहा कि वार्ड में सर्वे के क्रम में संपर्क नहीं किया गया।

जिससे कुछ बड़े नाले कार्ययोजना में शामिल नहीं हुआ। सुझाव के उपरांत अब डीपीआर में सुधार किया जाएगा। इसके बाद विभाग को भेजा जाएगा।

मौके पर नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, उपमेयर डा. सलाहउद्दीन अहसन, नगर प्रबंधक, पार्षद, बुडको के परियोजना निदेशक आदि उपस्थित थे।

सर्वे में तकनीकी पहलू का रखा ख्याल

डीपीआर के अनुसार, शहर के छह निचले इलाकों में बारिश के पानी की निकासी प्राकृतिक ढलान यानी गुरुत्वाकर्षण के सहारे संभव नहीं है। ऐसे में आउटफाल पर ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई।

इनमें दक्षिणी क्षेत्र के 448 हेक्टेयर इलाके में जलनिकासी के लिए आउटफाल पर सबसे बड़े पंपिंग स्टेशन का प्रस्ताव है। यहां 1.8 घन मीटर प्रति सेकेंड क्षमता वाली पंपिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इसके लिए 10.5 मीटर हेड वाले तीन वर्टिकल टर्बाइन पंप लगाए जाएंगे। प्रत्येक पंप की क्षमता 3258 घन मीटर प्रति घंटा होगी और इन्हें 150 किलोवाट की मोटर से संचालित किया जाएगा।

पंपिंग स्टेशन में पानी जमा करने के लिए संप, गाद रोकने के लिए सिल्ट ट्रैप, स्क्रीन, गेट, ईओटी क्रेन, पानी निकासी की डिलीवरी मेन पाइपलाइन, वीएफडी पैनल, 11 केवी स्विचगियर और 1000 केवीए का पैकेज सबस्टेशन लगाने का प्रावधान है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में व्यवस्था चालू रखने के लिए डीजी बैकअप भी रखा जाएगा।

तीन चरणों में होगा नालियों का निर्माण

डीपीआर में नालियों के निर्माण को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 10.27 किलोमीटर लंबी नालियों के निर्माण पर 33.38 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

दूसरे चरण में 9.15 किलोमीटर नालियों के लिए 24.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं, तीसरे चरण में 54.06 किलोमीटर लंबी नालियों के निर्माण पर 109.49 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

नालियों के निर्माण, सिल्ट ट्रैप और उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने पर कुल 167.38 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। औसतन प्रति किलोमीटर नाली निर्माण की लागत करीब 2.28 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पहले चरण में यह लागत लगभग 3.25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर होगी। इसकी वजह बड़े आकार की नालियां, अधिक गहराई तक खुदाई और ज्यादा सरिया इस्तेमाल करने की जरूरत बताई गई है।

500 सिल्ट ट्रैप और आठ स्लुइस गेट भी बनेंगे

परियोजना के तहत पहले से बनी नालियों में गाद और ठोस कचरे को रोकने के लिए 500 प्रमुख सिल्ट ट्रैप बनाए जाएंगे। इन पर 10.71 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इसके अलावा, गंदे पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आइपीएस) की ओर मोड़ने के लिए आठ स्लुइस गेट लगाए जाएंगे।

इन पर 15 लाख रुपये खर्च होने का प्रावधान है। चार स्थानों पर 50 मिलीमीटर की दूरी वाले मैनुअल कोर्स बार स्क्रीन भी लगाए जाएंगे, जिनकी लागत पांच लाख रुपये आंकी गई है। छह पंपिंग स्टेशनों के निर्माण पर कुल 12.27 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

2056 की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार हुआ डिजाइन

डीपीआर में शहर की वर्तमान और भविष्य की आबादी को ध्यान में रखा है। वर्ष 2011 में भागलपुर की आबादी 4,00,146 थी, जो वर्ष 2026 में 4,94,000 और वर्ष 2056 में 7,45,300 अनुमानित की गई है। इसी आधार पर वर्ष 2056 को डिजाइन वर्ष मानते हुए ड्रेनेज सिस्टम की योजना तैयार की गई है।

परियोजना की कुल अनुमानित लागत

शहर में कुल 74 किलोमीटर लंबी ड्रेनेज का निर्माण

  • प्रथम चरण में : 9 किलोमीटर
  • द्वितीय चरण में : 10 किलोमीटर
  • तृतीय चरण में : 54 किलोमीटर
  • जल निकासी के लिए : छह अस्थायी व एक पंपिंग स्टेशन

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