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विक्रमशिला सेतु से आवागमन अक्टूबर से बंद! 30 सितंबर से बैरिकेडिंग, चारों बेली ब्रिज हटाएगी BRO टीम, बजट 99 करोड़ 

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:15 AM (IST)

Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Work: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से ₹99 करोड़ की लागत से तीन माह ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Work: एक अक्टूबर से बंद होगा विक्रमशिला सेतु

Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Work: एक अक्टूबर से बंद होगा विक्रमशिला सेतु

HighLights

  1. 1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य शुरू होगा।

  2. ₹99 करोड़ की लागत से तीन माह तक चलेगा यह कार्य।

  3. अस्थायी बेली ब्रिज हटाकर स्थायी स्टील स्ट्रक्चर लगेंगे।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Work: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली लाइफलाइन गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के स्थायी कायाकल्प और पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) की बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया 1 अक्टूबर से विधिवत शुरू होने जा रही है। तय योजना के अनुसार, 30 सितंबर की मध्य रात्रि से ही सेतु के दोनों छोरों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर पुल से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी।

इसके बाद 1 अक्टूबर की सुबह से सेतु पर अस्थायी रूप से स्थापित किए गए चारों बेली ब्रिज को खोलने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सेतु पुनर्स्थापन का यह महाअभियान आगामी तीन माह तक युद्धस्तर पर संचालित होगा।

पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) के सचिव पंकज कुमार पाल ने भागलपुर जिला प्रशासन, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और पुलिस प्रशासन सहित संबंधित महकमों को सेतु पुनर्स्थापन कार्य आरंभ करने को लेकर आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। सेतु पर स्थापित चारों बेली ब्रिज को खोलने में लगभग पांच से छह दिनों का समय लगने का अनुमान है।

इस तकनीकी कार्य को सुरक्षित ढंग से अंजाम देने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की विशेषज्ञ टीम 28 और 29 सितंबर तक भागलपुर पहुंच जाएगी।

99 करोड़ की लागत से बनेगा स्टील ब्रिज, यार्ड में सामग्री पहुंचनी शुरू

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, खगड़िया प्रमंडल की देखरेख में विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल का निर्माण कर रही एजेंसी एसपी सिंगला को ही इस पुनर्स्थापन कार्य की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरी मरम्मत पर 99 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

कार्य को गति देने के उद्देश्य से कार्यदायी एजेंसी एसपी सिंगला के बरारी स्थित कास्टिंग यार्ड में भारी गर्डर, स्टील प्लेट्स और अन्य निर्माण सामग्री पहुंचनी शुरू हो चुकी है।

परियोजना के तहत सेतु के जिन क्षतिग्रस्त हिस्सों पर फिलहाल बेली ब्रिज संचालित हो रहे हैं, उन सभी चारों स्थानों पर आधुनिक और स्थायी स्टील ब्रिज स्ट्रक्चर को लॉन्च कर स्थापित किया जाएगा। इसके उपरांत स्टील ब्रिज पर नए मजबूत कंक्रीट स्लैब फिक्स किए जाएंगे, जिससे पुल पूरी तरह स्थायी और भारी भार वहन करने में सक्षम हो सके।

विक्रमशिला सेतु पुनर्स्थापन: एक नजर में

  • कार्य प्रारंभ तिथि: 1 अक्टूबर (30 सितंबर की मध्य रात्रि से पुल पर बैरिकेडिंग)।

  • कार्य की अनुमानित अवधि: 3 माह।

  • कुल लागत: ₹99 करोड़।

  • कार्यकारी एजेंसी: एसपी सिंगला (बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, खगड़िया प्रमंडल की निगरानी में)।

  • बेली ब्रिज खोलने का जिम्मा: बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) टीम (आगमन: 28-29 सितंबर)।

  • तकनीकी बदलाव: 4 बेली ब्रिज हटाकर उनकी जगह स्थायी स्टील स्ट्रक्चर (ब्रिज) की लॉन्चिंग, नए कंक्रीट स्लैब की फिक्सिंग, और सभी पुराने बियरिंग व एक्सपेंशन ज्वाइंट्स का पूर्ण बदलाव।

  • पृष्ठभूमि: 3 मई की रात सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा में समा गया था, जिसके बाद अस्थायी बेली ब्रिज बनाकर हल्के वाहनों का परिचालन शुरू कराया गया था।

बदले जाएंगे सभी बियरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट्स

पुनर्स्थापन कार्य के दौरान केवल क्षतिग्रस्त हिस्से की ही मरम्मत नहीं होगी, बल्कि समूचे सेतु की संरचनात्मक मजबूती की जांच के साथ तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। सेतु के सभी बियरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट्स काफी पुराने होकर खराब हो चुके हैं, जिन्हें पूरी तरह से बदलकर नए उच्च क्षमता वाले बियरिंग्स लगाए जाएंगे।

गौरतलब है कि विगत 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु का लगभग 34 मीटर लंबा हिस्सा अचानक ध्वस्त होकर गंगा नदी में समा गया था। इसके बाद आवागमन पूरी तरह ठप हो जाने पर प्रशासन ने बीआरओ की मदद से आनन-फानन में बेली ब्रिज का निर्माण कराकर सिर्फ हल्के वाहनों और एंबुलेंस के परिचालन की अस्थायी अनुमति दी थी।

30 सितंबर की आधी रात से सील हो जाएगा पुल

पुल निर्माण निगम, खगड़िया प्रमंडल के वरीय परियोजना अभियंता शशिभूषण सिंह ने बताया कि विभागीय सचिव स्तर से जिला प्रशासन और पुलिस को दिशा-निर्देश पत्र प्राप्त हो चुका है। 30 सितंबर की मध्य रात्रि से विक्रमशिला सेतु पर मुकम्मल बैरिकेडिंग कर दी जाएगी और वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

1 अक्टूबर से बीआरओ की तकनीकी देखरेख में बेली ब्रिज खोलने का काम शुरू होगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे तीन माह के पुनर्स्थापन कार्य के दौरान निर्धारित वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन का उपयोग करें।

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