खुल गया विक्रमशिला सेतु का बेली ब्रिज! नवगछिया छोर का स्लैब भी क्रेन से हटाया, कंक्रीट ढलाई के बाद नया गर्डर होगा सेट
Bhagalpur Vikramshila Setu Repair: विक्रमशिला सेतु पर क्षतिग्रस्त हिस्से से अस्थायी बेली ब्रिज हटाने का कार्य पूरा हो गया है। ...और पढ़ें
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Bhagalpur Vikramshila Setu Repair: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से से क्रेन की मदद से बेली ब्रिज
HighLights
बेली ब्रिज हटाने का चुनौतीपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न।
नवगछिया छोर का स्लैब भी हटा, ट्रस ब्रिज की फ्रेमिंग शुरू।
25-26 अक्टूबर से स्टील गर्डर सेटिंग और कंक्रीट ढलाई।
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। Bhagalpur Vikramshila Setu Repair: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली जीवनरेखा विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार अभियान ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से अस्थायी बेली ब्रिज को पूरी तरह हटाने का जटिल व चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
सिक्किम से विशेष रूप से बुलाई गई सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और जीआरईएफ (GREF) की कुशल तकनीकी टीम ने आधुनिक हेवी-ड्यूटी क्रेन की सहायता से मंगलवार देर शाम तक सभी बेली ब्रिजों को खोलकर सुरक्षित निकाल लिया और कार्यस्थल को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को सौंप दिया।
उल्लेखनीय है कि 1 अक्टूबर से सेतु पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिए जाने के बाद बीआरओ के इंजीनियरों ने युद्धस्तर पर दिन-रात जुटकर इस डिमेंटलिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया है।

नवगछिया छोर का स्लैब भी खुला, ट्रस ब्रिज की फ्रेमिंग शुरू
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता आकाशदीप ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि सेतु से बेली ब्रिज को पूरी तरह विस्थापित कर लिया गया है और अब मुख्य स्पैन पर काम केंद्रित है। पूर्व में तीन बेली ब्रिज हटाए जा चुके थे, जबकि क्षतिग्रस्त भाग पर टिके चौथे ब्रिज को शनिवार से हटाने की प्रक्रिया चल रही थी, जो मंगलवार को पूर्ण हो गई।
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अब यहां स्थायी रूप से लगाए जाने वाले मजबूत स्टील ट्रस ब्रिज की प्राथमिक फ्रेमिंग का कार्य तेजी से शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी ने नवगछिया छोर की ओर स्थित पिलर के एक स्पैन (डेक स्लैब) को भी विशालकाय क्रेन की मदद से सफलतापूर्वक अलग कर दिया है।
25-26 अक्टूबर से स्टील गर्डर की सेटिंग और कंक्रीट ढलाई
पुल निर्माण निगम के तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस पूरे हिस्से के चारों पुराने स्लैब को पूरी तरह हटाकर उनकी जगह अत्याधुनिक व उच्च क्षमता वाले नए कंक्रीट स्लैब ढाले जाएंगे। इन डेक स्लैबों को मजबूत आधार देने के लिए इनके नीचे भारी-भरकम स्टील गर्डर (ट्रस संरचना) स्थापित किया जाएगा।
तय कार्ययोजना के तहत 25 और 26 अक्टूबर से नए स्टील गर्डर को पिलरों के बीच सटीक लेवल पर सेट करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद नए डेक स्लैब की उच्च गुणवत्ता वाली कंक्रीट ढलाई का चरणबद्ध काम शुरू होगा, जिससे पुल के इस संवेदनशील हिस्से को भविष्य के भारी यातायात के लिए पूर्णतः सुरक्षित और दीर्घकालिक बनाया जा सके।
