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भागलपुर विक्रमशिला सेतु मरम्मत में आई तेजी; दिल्ली की 'मंगलम' को भी कमान, 200 टन वजनी स्टील गर्डर की लांचिंग शुरू

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:54 AM (IST)

Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur; भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की मरम्मत में तेजी लाने के लिए दिल्ली की मंगलम फर्म ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु पर अब दोहरी रफ्ता; Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur

विक्रमशिला सेतु पर अब दोहरी रफ्ता; Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur

HighLights

  1. नई एजेंसी मंगलम फर्म विक्रमशिला सेतु मरम्मत में शामिल हुई।

  2. कमजोर स्पैन हटाने और नए गर्डर लगाने का काम तेज।

  3. 200 टन वजनी स्टील गर्डर की लॉन्चिंग का कार्य शुरू।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur भागलपुर को उत्तर बिहार और सीमांचल से जोड़ने वाले लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन (मरम्मत) कार्य को समय पर पूरा करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर युद्धस्तर पर कवायद शुरू हो गई है।

सेतु के कमजोर स्पैन को जल्द से जल्द हटाने और नए गर्डर की स्थापना को गति देने के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने एक और विशेषज्ञ एजेंसी—दिल्ली की 'मंगलम फर्म' को जिम्मेदारी सौंप दी है। अब महाराष्ट्र की मैटे एसोसिएट्स और दिल्ली की मंगलम फर्म संयुक्त रूप से स्पैन तोड़ने का काम करेंगी, जिससे मरम्मत की गति दोगुनी हो जाएगी।

UP सेतु निगम की मूल डिजाइन के अनुसार हो रहा काम

पुनर्स्थापन कार्य के दौरान सेतु की संरचनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए मूल निर्माण करने वाली एजेंसी 'यूपी ब्रिज कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन' (उत्तर प्रदेश सेतु निगम) की मूल डिजाइन और ड्राइंग का गहन तकनीकी आकलन किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, मूल ड्राइंग के आधार पर काम करने से सेतु के अन्य हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और पुनर्स्थापन कार्य बिना किसी तकनीकी अड़चन के त्रुटिरहित पूरा किया जा सकेगा।

डायमंड कटर से कटिंग, बार्ज से भेजा जा रहा मलबा

कार्यस्थल पर धूल और प्रदूषण को रोकने के लिए आधुनिक डस्ट सप्रेशन प्रणाली और कंक्रीट को सटीक तरीके से काटने के लिए 'डायमंड वायर सॉ' जैसी अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। बुधवार को सेतु के कैंटीलीवर को काटने के साथ ही स्पैन में बड़े-बड़े छेद (ड्रिलिंग) किए गए, ताकि कटिंग का काम तेजी से हो सके। तोड़े गए स्पैन और स्लैब के भारी मलबे को बार्ज (विशेष नौकाओं) के माध्यम से गंगा नदी के रास्ते बरारी स्थित एसपी सिंगला के यार्ड में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया जा रहा है।

200 टन भारी स्टील गर्डर की लांचिंग शुरू, सचिव ने परखा काम

दूसरी ओर, नवगछिया छोर की तरफ बरारी यार्ड से बार्ज पर लगी भारी-भरकम क्रेनों के जरिए स्टील गर्डर के पार्ट्स को सेतु पर लाकर असेंबल करने का कार्य जोरों पर है। तैयार किया जा रहा यह स्टील गर्डर लगभग 200 टन भारी और करीब 24 मीटर लंबा होगा। दोपहर में शुरू हुए लांचिंग कार्य का जायजा लेने पुल निर्माण निगम के सचिव (योजना एवं प्रशासन) शशिभूषण स्वयं मौके पर पहुंचे।

उन्होंने बताया कि कटिंग और असेंबलिंग का काम एसपी सिंगला कंपनी द्वारा निर्धारित वर्कप्लान के तहत समानांतर (पैरेलल) रूप से चलाया जा रहा है। दोनों काम एक साथ होने से तय समय-सीमा के भीतर सेतु पर परिचालन बहाल करने में मदद मिलेगी।

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