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विक्रमशिला सेतु मरम्मत : 4 में से 1 हिस्से में गर्डर लॉन्चिंग पूरी, RCC की जगह अब बनेगी लोहे की रेलिंग और फुटपाथ

Published: Wed, 04 Nov 2026 08:15 AM (IST)

Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Update: विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य में तेजी आई है, एक हिस्से में गर्डर लॉन्चिंग पूरी ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Update: भागलपुर विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से में स्टील गर्डर लॉन्चिंग पूरी

Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Update: भागलपुर विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से में स्टील गर्डर लॉन्चिंग पूरी

HighLights

  1. एक हिस्से में स्टील गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा।

  2. आरसीसी की जगह अब लोहे की रेलिंग और फुटपाथ।

  3. दिसंबर अंत तक मरम्मत पूरी, नए साल में पुल चालू।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Bhagalpur Repair Update: विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन (जीर्णोद्धार) कार्य में तेजी आई है। सेतु के एक क्षतिग्रस्त हिस्से में दोनों तरफ स्टील गर्डर सफलतापूर्वक लॉन्च कर लिया गया है, जबकि एक अन्य हिस्से में फिलहाल एक ही गर्डर चढ़ाया जा सका है।

इसी अधूरे हिस्से में बुधवार को दूसरा स्टील गर्डर लॉन्च करने की प्रशासनिक व तकनीकी तैयारी पूरी कर ली गई है। एक महीने से अधिक समय से चौबीसों घंटे चल रहे इस मरम्मत कार्य के दौरान अब तक चार में से एक बड़े हिस्से में गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरी तरह संपन्न हो चुका है।

बेयरिंग सेट करने के लिए बीम कटिंग का काम जारी

स्टील गर्डर को मजबूती से स्थापित करने के लिए सेतु के अन्य दो हिस्सों में कंक्रीट बीम को काटने का काम युद्धस्तर पर जारी है। बीम को काटकर पूरी तरह हटाने के बाद वहां नई बेयरिंग सेट की जाएगी, जिसके ऊपर भारी-भरकम स्टील गर्डर को लॉन्च किया जाएगा।

योजना के अनुसार, सभी प्रभावित हिस्सों में दो-दो स्टील गर्डर लगाए जाने हैं। गर्डर लॉन्चिंग का यह काम शत-प्रतिशत पूरा होने के बाद ही चारों क्षतिग्रस्त हिस्सों में नए स्लैबों की ढलाई का मुख्य काम शुरू हो सकेगा।

15 दिसंबर तक स्लैब ढलाई का लक्ष्य, फिर बिछेगा लोहे का जाल

ढलाई प्रक्रिया शुरू होने से पहले स्टील गर्डरों के ऊपर लोहे की चदरें (शीट) बिछाई जाएंगी, जिन पर सरिया (लोहे की छड़ें) बांधकर मजबूत ढांचा तैयार किया जाएगा। कार्यस्थल पर मौजूद कर्मियों और अभियंताओं के अनुसार, आगामी 15 दिसंबर तक चारों क्षतिग्रस्त हिस्सों में स्लैबों की ढलाई का कार्य पूरा कर लेने की उम्मीद है। स्लैब ढलाई पूरी होने के बाद ही पुल को यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।

आरसीसी की जगह लोहे की रेलिंग और फुटपाथ से कम होगा लोड

इस बार पुनर्स्थापन कार्य के दौरान विक्रमशिला सेतु के मूल ढांचे में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए जा रहे हैं। पुल की सुरक्षात्मक रेलिंग और पैदल चलने वालों के लिए बने फुटपाथ को पूरी तरह बदला जा रहा है। अभी तक यहां कंक्रीट (आरसीसी) की भारी रेलिंग और फुटपाथ था, जिसे काटकर हटाया जा रहा है। इसकी जगह अब आधुनिक लोहे (स्टील) से निर्मित हल्की रेलिंग और फुटपाथ बनाए जाएंगे, जिससे पुल का मृत भार (डेड लोड) काफी कम हो जाएगा और इसकी उम्र बढ़ेगी।

पुरानी कंक्रीट रेलिंग और फुटपाथ को काटने का काम लगातार चल रहा है, जिसे पूरी तरह हटाने में करीब 15 दिन और लग सकते हैं। इस पूरे काम की जिम्मेदारी पटना की 'सुहानी प्रोजेक्ट' को दी गई है। योजना के अनुसार, दिसंबर के अंत तक नई रेलिंग और फुटपाथ का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा, जिससे नए साल में पुल को पूरी तरह दुरुस्त और सुगम बनाकर चालू किया जा सके।

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