विक्रमशिला सेतु पर 90 फीट लंबा तीसरा बेली ब्रिज हटा; 35 टन लोड घटाने को कटी रेलिंग व सड़क, 4 स्पैन की स्लैब कटिंग जल्द
Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु पर चल रहे पुनर्स्थापन और जीर्णोद्धार अभियान के तहत 90 फीट लंबा तीसरा ...और पढ़ें
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Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur: भागलपुर में विक्रमशिल पुल की मरम्मत हो रही है।
HighLights
90 फीट लंबा तीसरा बेली ब्रिज सफलतापूर्वक हटाया गया।
पुल का 30-35 टन भार कम करने को रेलिंग कटी।
चार स्पैन की स्लैब कटिंग जल्द शुरू होगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Repair Work Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु के चार महीने के पुनर्स्थापन और जीर्णोद्धार अभियान के तहत तकनीकी कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को कार्यदायी एजेंसी ने 90 फीट लंबे तीसरे बेली ब्रिज को भी सफलतापूर्वक खोलकर हटा दिया।
वहीं, जर्जर हो चुके मुख्य ढांचे को किसी नए नुकसान से बचाने और भारी पोकलेन, क्रेन व हाइवा के आवागमन को सुरक्षित रखने के लिए सेतु के 20 से 25 फीट हिस्से की रेलिंग काट दी गई है और सड़क की ऊपरी सतह को खोदकर हटाया जा रहा है।
पुल निर्माण निगम के अभियंताओं के अनुसार, विगत वर्षों में बार-बार हुए बिटुमिनस (अलकतरा) कार्य के कारण सड़क की कई परतें जम गई थीं, जिससे पुल पर अतिरिक्त भार बढ़ गया था। रेलिंग और सड़क की इन परतों को छीलकर हटाने से सेतु का लगभग 30 से 35 टन वजन (डेड लोड) हल्का हो जाएगा।
विक्रमशिला सेतु महा-मरम्मत
तीसरा बेली ब्रिज: 90 फीट लंबाई, शनिवार को सफलतापूर्वक हटाया गया।
चौथा बेली ब्रिज: 170 फीट लंबाई (डबल पैनल), भारी सामग्री और क्रेन मूवमेंट के लिए फिलहाल कुछ दिन रहेगा चालू।
लोड घटाने का लक्ष्य: रेलिंग व सड़क की सतह काटकर 30 से 35 टन वजन हल्का किया जा रहा।
स्लैब कटिंग: हेली कटर से 4 स्पैन काटे जाएंगे (समय: 20 से 25 दिन)।
नया ढांचा: नई बेयरिंग $\rightarrow$ स्टील गर्डर सेट $\rightarrow$ डेक स्लैब की कंक्रीट ढलाई (क्यूरिंग समय: 28 दिन)।
खतरे की स्थिति: 06 स्पैन की बेयरिंग पूरी तरह बैठ चुकी है, एक्सपेंशन ज्वाइंट्स असंतुलित और स्लैब धंसे हुए हैं।
चूंकि 03 मई की रात पुल का एक हिस्सा टूटकर सीधे गंगा में समा गया था, इसलिए लोड कम होने से पिलर के सस्पेंशन और गर्डर पर किसी प्रकार का अतिरिक्त तनाव या खतरे की आशंका नहीं रहेगी।

सामग्री ढुलाई के लिए रुका चौथा बेली ब्रिज
तीसरे बेली ब्रिज के हटने के बाद अब क्षतिग्रस्त हिस्से में बने 170 फीट लंबे चौथे बेली ब्रिज को खोलने की तैयारी है। हालांकि, निर्माण सामग्री और भारी मशीनों को एक छोर से दूसरे छोर तक सुगमता से ले जाने के लिए इसे हटाने की कार्रवाई को फिलहाल कुछ दिनों के लिए टाला गया है।
नीचे से भी खुलेगा पैनल
बताया गया कि इस बेली ब्रिज में ऊपर और नीचे दोहरे (डबल) पैनल लगे हैं। इसे नीचे की ओर से भी खोला जाना है, जिसमें चार से पांच दिन का अतिरिक्त समय लगेगा। सभी जरूरी सामग्री कार्यस्थल पर पहुंचने के बाद ही इसे हटाने की अंतिम प्रक्रिया शुरू होगी।
हेली कटर से कटेंगे चार स्पैन
सभी बेली ब्रिज हटने के तुरंत बाद ट्रस ब्रिज और स्टील गर्डर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। पुल की संरचना की गहन जांच के बाद हेली कटर की मदद से 4 स्पैन की स्लैब कटिंग शुरू की जाएगी, जिसमें लगभग 20 से 25 दिन का वक्त लगेगा। इसके बाद नई बेयरिंग डालकर स्टील गर्डर सेट किए जाएंगे और उनके ऊपर नए डेक स्लैब की ढलाई होगी। कंक्रीट स्लैब को पूरी मजबूती से सेट होने में 28 दिन का समय लगेगा।
6 स्पैन की बेयरिंग डैमेज
इस अति-जटिल परियोजना के लिए पटना के गंगा सेतु और गुवाहाटी में काम कर चुके विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम को मोर्चे पर लगाया गया है। ग्राउंड पर काम कर रहे तकनीकी कर्मियों ने बताया कि जांच के दौरान 6 स्पैन की बेयरिंग पूरी तरह डैमेज पाई गई हैं और वे नीचे बैठ गई हैं।
इसके कारण एक तरफ एक्सपेंशन ज्वाइंट का गैप असामान्य रूप से बढ़ गया है, जबकि दूसरी तरफ जोड़ आपस में सट गए हैं और स्लैब धंसा हुआ नजर आ रहा है। यह तकनीकी स्थिति सेतु के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद गंभीर है, जिसे ठीक करने के लिए चौबीसों घंटे काम चल रहा है।
