विक्रमशिला पुल बंदी के बीच गंगा जहाज सेवा पर नया नियम; शाम 5:30 बजे तक ही परिचालन, भागलपुर बियाडा घाट पर हंगामा
Bhagalpur Ferry Timing : विक्रमशिला सेतु के मेगा ब्लॉक के कारण भागलपुर में गंगा फेरी सेवा के समय में बदलाव ...और पढ़ें

Bhagalpur Ferry Timing : बियाडा घाट पर पहले दिन हंगामे के बाद सख्त हुआ प्रशासन, नया आदेश जारी
HighLights
गंगा फेरी सेवा का नया समय, शाम 5:30 बजे तक परिचालन।
दो जलयानों के इंजन फेल होने से बियाडा घाट पर हंगामा।
प्रशासन की अपील, यात्री समय से पहले घाट पहुंचें।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Ferry Timing : विक्रमशिला सेतु के चार महीने के मेगा ब्लॉक और पुनर्निर्माण के बीच गंगा पार कराने के लिए शुरू की गई वैकल्पिक फेरी सेवा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पहले दिन के अनुभव और जमीनी फीडबैक के आधार पर प्रशासन ने परिचालन समय-सीमा में कड़ा बदलाव किया है।
02 अक्टूबर से बियाडा, बाबूपुर और जाह्नवी चौक घाट पर शाम 5:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की नाव, फेरी अथवा कार्गो (रो-रो) का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। तय समय के बाद घाट पर पहुंचने वाले यात्रियों और वाहनों को किसी भी सूरत में गंगा पार नहीं कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पहले दिन गुरुवार को अत्यधिक दबाव को देखते हुए समय-सारणी में थोड़ी नरमी बरती गई थी, लेकिन व्यवस्था बिगड़ने के बाद अब नियमों का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शाम 5:30 बजे तक जो यात्री व वाहन घाट के अंदर प्रवेश कर चुके होंगे, केवल उन्हें ही पार कराया जाएगा। इसके बाद नए वाहनों व मुसाफिरों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया जाएगा।
दो जलयानों का इंजन फेल होने से बिगड़ी स्थिति, शाम को हंगामा
जलमार्ग परिचालन के पहले ही दिन गुरुवार शाम बियाडा गंगा घाट पर भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद करीब 3 से 4 बजे के बीच दो जलयानों (फेरी वेसल्स) के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके कारण दोनों जलयान घाट से रवाना नहीं हो सके। इस तकनीकी गड़बड़ी की वजह से पहले से कतार में खड़े मुसाफिरों की तादाद लगातार बढ़ती चली गई।
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फेरी सेवा: नया समय और संचालन नियम एक नजर में
लागू होने की तिथि: 02 अक्टूबर 2026 से प्रभावी।
चिह्नित घाट: बियाडा घाट, बाबूपुर घाट और नवगछिया की ओर जाह्नवी चौक घाट।
अंतिम समय-सीमा: शाम 5:30 बजे (इसके बाद नाव, फेरी व कार्गो का परिचालन पूर्णतः ठप रहेगा)।
प्रवेश का नियम: शाम 5:30 बजे तक जो यात्री या वाहन घाट परिसर अथवा कतार में प्रवेश कर चुके होंगे, केवल उन्हें ही उस दिन पार कराया जाएगा। नए यात्रियों की एंट्री बंद रहेगी।
प्रशासनिक अपील: यात्री, वाहन चालक और मालवाहक संचालक दोपहर बाद यात्रा की योजना इस प्रकार बनाएं कि 5:30 बजे से पहले घाट पहुंच जाएं।
इधर, गंगा पार जाने की आस में लोग देर शाम तक घाट पर पहुंचते रहे। शाम 6:00 बजे का निर्धारित समय समाप्त होने के बावजूद करीब सात बजे तक यात्रियों का तांता लगा रहा। जब यात्रियों को पता चला कि अब जलयान नहीं चलेगा, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। सैकड़ों मुसाफिरों ने परिचालन दोबारा शुरू कराने और वैकल्पिक नावों की व्यवस्था की मांग को लेकर घाट और टिकट काउंटर पर जमकर हंगामा शुरू कर दिया।
एडीएम ने मौके पर संभाला मोर्चा, अतिरिक्त फोर्स तैनात
बियाडा घाट पर भीड़ के उग्र होने और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी हरकत में आए। जलमार्ग परिचालन के नोडल अधिकारी सह अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एडीएम ने आक्रोशित यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और बताया कि सुरक्षा कारणों से रात के अंधेरे में गंगा की तेज धारा में जलयान चलाना मुसाफिरों की जान को जोखिम में डालने जैसा है।
हालांकि, कुछ देर बाद टिकट काउंटर के पास दोबारा भीड़ जमा होकर नारेबाजी करने लगी। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को तलब किया गया। पुलिस की भारी मौजूदगी और प्रशासनिक सख्ती को भांपते हुए लोग धीरे-धीरे पीछे हटे और रात करीब आठ बजे तक घाट पूरी तरह खाली हो सका। इस दौरान पुलिस को कहीं भी लाठीचार्ज या बल प्रयोग नहीं करना पड़ा।
मुसाफिरों से अपील: 5:30 बजे के बाद घाट पर न आएं
पहले दिन के इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि विक्रमशिला सेतु बंद रहने तक जलमार्ग पर यात्रियों का दबाव अप्रत्याशित रहेगा। प्रशासन ने यात्रियों, छोटे वाहन चालकों और मालवाहक संचालकों से पुरजोर अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना समय से बनाएं। शाम 5:30 बजे के बाद घाट पर आकर सेवा मिलने की उम्मीद बिल्कुल न रखें। उधर, तकनीकी रूप से जलयानों के ब्रेकडाउन से निपटने के लिए मैकेनिकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी भी की जा रही है।
