विक्रमशिला सेतु पर 14 घंटे से 20 km लंबा भीषण जाम, 1 km रेंगने में ढाई घंटे लगे; 6-7 km पैदल चलने को मजबूर हुए लोग
Bhagalpur Vikramshila Setu : विक्रमशिला सेतु पर 14 घंटे से 20 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लगा है, जिससे यात्रियों को ...और पढ़ें

भागलपुर-नवगछिया के बीच विक्रमशिला सेतु और संपर्क पथ पर लगा जाम।
HighLights
विक्रमशिला सेतु पर 14 घंटे से 20 किमी लंबा भीषण जाम।
सेतु बंदी के डर से वाहनों का दबाव चार गुना बढ़ा।
यात्रियों को पानी और यूरिनल के लिए तरसना पड़ा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Vikramshila Setu उत्तर और पूर्वी बिहार की जीवनरेखा कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर सोमवार को यातायात पूरी तरह चरमरा गया। नवगछिया से लेकर भागलपुर बाइपास के बीच करीब 20 किलोमीटर के लंबे दायरे में पिछले 14 घंटे से भीषण महाजाम लगा हुआ है।
हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि वाहनों को महज एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ढाई घंटे से अधिक का समय लग रहा है, वहीं साढ़े चार किलोमीटर लंबे सेतु को पार करने में मुसाफिरों को पांच से छह घंटे तक जूझना पड़ रहा है। घंटों तक गाड़ियों के पहिए थमे रहने के कारण बेबस यात्रियों को बीच रास्ते में ही वाहन छोड़कर सामान के साथ 6 से 7 किलोमीटर तक चिलचिलाती धूप में पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पानी और यूरिनल के लिए तरसे यात्री, महिलाओं-बच्चों का बुरा हाल
महाजाम के चलते सेतु और संपर्क पथ पर फंसे लोगों को नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। तीखी धूप और उमस भरी गर्मी के बीच वाहनों में बंद महिला, बच्चे और बुजुर्ग हलकान हो गए। सेतु पर हाल ही में यूरिनल में ताला जड़े जाने और रास्ते में पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी से दो-चार होना पड़ा। छोटे-छोटे बच्चे भूख-प्यास से बिलखते नजर आए।
30 सितंबर से सेतु बंदी का खौफ, 4 गुना बढ़ा गाड़ियों का दबाव
दरअसल, पुनर्स्थापन कार्य के लिए 30 सितंबर की मध्य रात्रि से विक्रमशिला सेतु को आगामी तीन महीनों के लिए पूरी तरह बंद किया जा रहा है। सेतु बंद होने की समय-सीमा नजदीक आते ही दूर-दराज के मालवाहक ट्रकों और निजी वाहन चालकों में पहले ही निकल जाने की होड़ मच गई है। पिछले दो दिनों के भीतर सेतु पर सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
विक्रमशिला सेतु महाजाम
जाम का दायरा: नवगछिया जीरो माइल से लेकर भागलपुर बाइपास तक लगभग 20 किलोमीटर।
जाम की अवधि: पिछले 14 घंटे से लगातार वाहनों की कतार।
औसत समय: 1 किमी दूरी तय करने में 2 से 2.5 घंटे; सेतु पार करने में 5 से 6 घंटे।
जाम का मुख्य कारण: 30 सितंबर मध्य रात्रि से 3 माह के लिए सेतु बंद होने की सूचना पर वाहनों का अचानक 4 गुना दबाव बढ़ना, ओवरटेकिंग और पर्याप्त पुलिस बल का न होना।
शहरी असर: तिलकामांझी चौक पर तीन तरफ की ट्रैफिक लाइट एक साथ चालू होने व चारों ओर से गाड़ियों के आने से शहर में भी अफरातफरी।
राहगीरों ने लचर यातायात प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ओर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई। चालकों द्वारा मनमाने ढंग से की जा रही ओवरटेकिंग और नो-एंट्री के नियमों की अनदेखी ने जाम को विकराल बना दिया।
मामले पर ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि पिछले 48 घंटों से सेतु मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक लोड है। स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों व पदाधिकारियों को तैनात किया गया है।
तिलकामांझी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल ने बढ़ाई आफत
सेतु के महाजाम का असर भागलपुर शहर के भीतर भी साफ दिखाई दिया। तिलकामांझी चौक पर तीन तरफ की ट्रैफिक लाइटें जलने और चारों दिशाओं से अनियंत्रित रूप से वाहनों के प्रवेश करने के कारण भयंकर चौराहे पर गतिरोध (ग्रिडलॉक) बन गया। दिनभर चौक पर रुक-रुक कर जाम लगता रहा, जिससे कचहरी चौक, जीरो माइल और मुख्य बाजार की ओर जाने वाली सड़कों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
