भागलपुर: विक्रमशिला सेतु की 'सेहत' पर अब डिजिटल नजर, लगेगा ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर अब ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे पुल की संरचनात्मक स्थिति की डिजिटल निगरानी हो सकेगी।

विक्रमशिला सेतु। (फाइल फोटो)
HighLights
विक्रमशिला सेतु पर ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम लगेगा।
पुल की संरचनात्मक स्थिति की डिजिटल निगरानी होगी।
समय रहते संभावित खतरों की पहचान में मदद मिलेगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु की संरचनात्मक स्थिति दुरुस्त कराने के साथ अब इसकी सेहत पर भी डिजिटल नजर रखी जाएगी।
सेतु पर ब्रिज हेल्थ मानीटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। जिससे पुल के विभिन्न हिस्सों में होने वाले बदलावों की लगातार निगरानी की जा सकेगी।
पहले से ही विक्रमशिला सेतु के समानांतर निर्माणाधीन फोरलेन पुल में इस आधुनिक सिस्टम को लगाने की योजना तय है। अभियंताओं के अनुसार अब पुराने विक्रमशिला सेतु की स्थिति दुरुस्त कराने के साथ इस पर भी यह सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है।
इससे पुल की संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने और संभावित खतरों की समय रहते पहचान करने में मदद मिलेगी।
ब्रिज हेल्थ मानीटरिंग सिस्टम सेंसर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डेटा एनालिटिक्स पर आधारित तकनीक होती है।
पुल के अलग-अलग हिस्सों में सेंसर लगाकर तनाव, कंपन, झुकाव और विस्थापन जैसे बदलावों की निगरानी की जा सकती है।
इसके जरिए सेतु पर वाहनों के भार और अन्य परिस्थितियों के दौरान संरचना में होने वाली हलचल का डेटा जुटाया जाता है। निर्धारित सीमा से अधिक बदलाव सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेजने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
इससे पुल की सुरक्षा का आकलन केवल नियमित निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीकी आंकड़ों के आधार पर भी उसकी स्थिति समझी जा सकेगी।
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटकर हटाने और स्टील गर्डर लगाने की तैयारी के बीच इस सिस्टम का महत्व बढ़ जाएगा।
सेतु पर चल रहे पुनर्स्थापन कार्य के बाद उसकी संरचनात्मक स्थिति पर लगातार नजर रखने में यह तकनीक उपयोगी होगी। सेंसर से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर इंजीनियर यह समझ सकेंगे कि पुल के विभिन्न हिस्सों में समय के साथ क्या बदलाव हो रहे हैं। इससे जरूरत के अनुसार निरीक्षण और रखरखाव की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
